भारतीय टेस्ट टीम के श्रीलंका दौरे के लिए चयन के बाद तेज गेंदबाज आकिब नबी को टीम में जगह नहीं मिलने पर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद चयनकर्ताओं द्वारा उन्हें नजरअंदाज किए जाने पर कई सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर, गुरनूर बराड़ को टीम में शामिल किए जाने के फैसले ने भी चर्चा को और बढ़ा दिया है।
आकिब नबी ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार गेंदबाजी करते हुए 60 विकेट हासिल किए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपनी टीम जम्मू-कश्मीर की सफलता में अहम भूमिका निभाई। लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी निरंतरता और प्रभावशाली प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिलेगा।
हालांकि, जब श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ, तो आकिब नबी का नाम टीम में नहीं था। इससे पहले भी उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला। बाद में बिना डेब्यू कराए ही उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
दूसरी ओर, गुरनूर बराड़ को टेस्ट टीम में जगह मिलने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर चयनकर्ताओं ने गुरनूर को किस आधार पर चुना, जबकि आकिब नबी का घरेलू प्रदर्शन उनसे कहीं अधिक प्रभावशाली माना जा रहा है। इसी के साथ यह दावा भी चर्चा में आया कि गुरनूर बराड़ भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के करीबी दोस्त हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी खिलाड़ी का चयन केवल दोस्ती या व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर हुआ है, इसका कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। भारतीय क्रिकेट टीम का चयन चयन समिति द्वारा कई पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है, जिनमें प्रदर्शन, फिटनेस, टीम संयोजन, भविष्य की योजनाएं और परिस्थितियों के अनुसार खिलाड़ियों की उपयोगिता शामिल होती है। इसलिए केवल अटकलों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिर भी, आकिब नबी के शानदार घरेलू रिकॉर्ड ने चयन प्रक्रिया को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। रणजी ट्रॉफी में 60 विकेट लेना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। ऐसे प्रदर्शन के बाद भी राष्ट्रीय टीम में मौका न मिलना कई क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को हैरान कर रहा है।
अब सभी की नजर आने वाले घरेलू सीजन और भविष्य की टीम चयन पर रहेगी। यदि आकिब नबी लगातार इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे दोबारा खुल सकते हैं। वहीं गुरनूर बराड़ के सामने भी खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने की बड़ी चुनौती होगी।