एलन मस्क की एयरोस्पेस और टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनी SpaceX ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा दांव खेला है। शेयर बाजार (Nasdaq) में शानदार शुरुआत (IPO) करने और $2 ट्रिलियन से अधिक की वैल्यूएशन हासिल करने के तुरंत बाद, स्पेसएक्स ने लोकप्रिय AI कोडिंग स्टार्टअप Cursor (Anysphere, Inc.) को 60 बिलियन डॉलर (लगभग 5 लाख करोड़ रुपये) में खरीदने का फैसला किया है।
यह सौदा साल 2026 के सबसे बड़े टेक अधिग्रहणों (acquisitions) में से एक माना जा रहा है, जो इसी साल की तीसरी तिमाही (Q3 2026) तक पूरा होने की उम्मीद है।
स्पेसएक्स क्यों खर्च कर रहा है $60 बिलियन?
कर्सर (Cursor) को खरीदने के पीछे एलन मस्क और स्पेसएक्स की एक सोची-समझी रणनीतिक योजना है, जिसे मुख्य रूप से तीन कारणों से समझा जा सकता है:
- xAI और Grok को मजबूत करना: एलन मस्क की AI कंपनी xAI का चैटबॉट 'Grok' कंज्यूमर मार्केट में तो अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन कोडिंग और प्रोग्रामिंग के मामले में वह OpenAI (Codex) और Anthropic (Claude Code) से पीछे चल रहा था। कर्सर को खरीदने से मस्क को तुरंत एक स्थापित और मजबूत कोडिंग प्लेटफॉर्म मिल जाएगा।
- डेटा और डेवलपर्स तक पहुंच: कर्सर का इस्तेमाल दुनिया भर के लाखों डेवलपर्स और करीब 50,000 कॉरपोरेट टीमें (जैसे Nvidia, Uber, Adobe) करती हैं। इसके पास मौजूद कोडिंग डेटा और डेवलपर्स का नेटवर्क, मस्क के AI मॉडल्स को और अधिक एडवांस बनाने में मदद करेगा।
- सुपरकंप्यूटर और इंफ्रास्ट्रक्चर का तालमेल: कर्सर एक बेहतरीन सॉफ्टवेयर टूल है, लेकिन उसे और बेहतर मॉडल्स बनाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर (Compute) की जरूरत थी। स्पेसएक्स के पास xAI का 'Colossus' सुपरकंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर है (जिसमें करीब 10 लाख H100 GPUs की क्षमता है)। अब कर्सर इस भारी कंप्यूटिंग पावर का इस्तेमाल करके अपने AI मॉडल्स को बहुत तेजी से स्केल कर पाएगा।
क्या है Cursor AI?
कर्सर (Cursor) असल में माइक्रोसॉफ्ट के लोकप्रिय VS Code एडिटर पर आधारित एक AI-पावर्ड कोडिंग असिस्टेंट है। इसे MIT के चार छात्रों ने मिलकर 2022 में शुरू किया था। यह सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए एक 'स्मार्ट मददगार' की तरह काम करता है, जो खुद-ब-खुद कोड लिख सकता है, गलतियां (bugs) ढूंढ सकता है और पूरे प्रोजेक्ट को मैनेज कर सकता है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका सालाना रेवेन्यू बेहद कम समय में बढ़कर $100 मिलियन को पार कर गया था।
डील की खास बातें
यह पूरी डील 'ऑल-स्टॉक' (All-stock deal) है, यानी इसके लिए स्पेसएक्स को अपनी जेब से नकद (cash) खर्च नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वह कर्सर के शेयर्स के बदले अपने 'क्लास A कॉमन स्टॉक' देगी।
जब तक इस डील को रेगुलेटरी मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक कर्सर एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में काम करती रहेगी।
इस अधिग्रहण के बाद स्पेसएक्स सिर्फ रॉकेट और सैटेलाइट (Starlink) बनाने वाली कंपनी नहीं रह जाएगी, बल्कि वह एंटरप्राइज AI सॉफ्टवेयर मार्केट में भी एक सबसे बड़ी खिलाड़ी बनकर उभरेगी।