सियोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग 11 दिवसीय विदेश यात्रा पूरी कर सोमवार को सियोल लौट आए। इस दौरे के दौरान उन्होंने अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के कई महत्वपूर्ण देशों का दौरा किया, जहां प्रौद्योगिकी, व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय वार्ताएं हुईं। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस यात्रा को दक्षिण कोरिया के आर्थिक और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
यात्रा की शुरुआत अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से हुई, जहां राष्ट्रपति ली ने प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर, डिजिटल नवाचार और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दक्षिण कोरिया भविष्य की तकनीकों में अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना चाहता है।
इसके बाद राष्ट्रपति ने ब्राजील, चिली और अर्जेंटीना का दौरा किया। इन देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठकों में व्यापार विस्तार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और औद्योगिक सहयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। दक्षिण कोरिया ने विशेष रूप से उन संसाधनों तक स्थिर पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया, जिनका उपयोग बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहन और हाई-टेक उद्योगों में किया जाता है।
यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में प्रवासी दक्षिण कोरियाई समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और विदेशों में रह रहे नागरिकों के योगदान की सराहना की। इसके बाद वह स्वदेश लौट आए।
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार अब सरकार का ध्यान घरेलू नीतिगत प्राथमिकताओं पर रहेगा। इस सप्ताह विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठकों का दौर शुरू होगा, जिसमें व्यापार, पर्यावरण, श्रम, विदेश, रक्षा और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े विषयों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि विदेश यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं के आधार पर आने वाले महीनों में कई नए आर्थिक और तकनीकी सहयोग कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा सकता है।