खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद देशभर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ संवेदनशील सूचनाओं के आधार पर आशंका जताई गई है कि पुलिसकर्मियों और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। इसी संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है तथा सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
अलर्ट जारी होने के बाद संवेदनशील इलाकों, सरकारी भवनों, पुलिस थानों, प्रमुख सड़कों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाएं, संवेदनशील स्थानों का लगातार निरीक्षण करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी तेज कर दी गई है और खुफिया एजेंसियों के साथ सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, एयरपोर्ट, धार्मिक स्थल, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ाई गई है। बम निरोधक दस्तों, डॉग स्क्वॉड और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (Quick Response Teams) को भी आवश्यकतानुसार तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को पहले ही निष्क्रिय करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या संबंधित हेल्पलाइन पर सूचना दें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह एहतियाती कदम खुफिया इनपुट के आधार पर उठाए गए हैं और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। समय-समय पर हालात की समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था में और भी बदलाव किए जा सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सतर्कता बढ़ाने का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।