पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (PoJK) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
यह घटना उस समय हुई जब हजारों प्रदर्शनकारी जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और अधिकारियों के बीच बातचीत विफल होने के बाद मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने की तैयारी कर रहे थे।
52 दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
PoJK में पिछले 52 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी कई मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। इनमें हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना और अन्य स्थानीय मुद्दों का समाधान शामिल है।
प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद आंदोलन और तेज हो गया।
रावलाकोट में बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के अनुसार, रावलाकोट में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बातचीत टूटने के बाद जब वे आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी सुरक्षा बलों की ओर से कार्रवाई की गई।
एक प्रदर्शनकारी ने दावा किया कि गोलीबारी में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उसके अनुसार, 15 से 30 से ज्यादा लोग गोली लगने से घायल हुए।
प्रदर्शनकारियों की मांगें क्या हैं?
JAAC से जुड़े प्रदर्शनकारी लंबे समय से कई मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई।
- आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेना।
- स्थानीय प्रशासन और आर्थिक नीतियों से जुड़े मुद्दों का समाधान।
- आम लोगों से जुड़े अधिकारों और सुविधाओं में सुधार।
इलाके में तनाव बरकरार
घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
इस घटना ने PoJK में राजनीतिक और प्रशासनिक हालात को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है।