पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी व्यापक राजनीतिक असंतोष, हिंसक झड़पों और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के बीच शहबाज शरीफ सरकार द्वारा डिजिटल सेंसरशिप बढ़ाने की खबरें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर आधारित अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थान 'अल जजीरा' (Al Jazeera) की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को पाकिस्तान में आंशिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस संभावित प्रतिबंध का मुख्य कारण अल जजीरा द्वारा पीओके क्षेत्र में जारी बड़े पैमाने पर जन-प्रदर्शनों, चुनावी धांधली और सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी की आक्रामक जमीनी रिपोर्टिंग है। पाकिस्तान के स्थानीय और मुख्यधारा के समाचार चैनलों द्वारा इस अशांति की खबरों को प्रसारित न करने के कारण, स्थानीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस अल जजीरा की रिपोर्ट्स और वीडियो फुटेज पर भरोसा कर रहे थे। अल जजीरा ने अपनी रिपोर्ट्स में मुजफ्फरबाद, मीरपुर और रावलाकोट जैसे क्षेत्रों में नागरिकों द्वारा मतदान के पूर्ण बहिष्कार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में प्रदर्शनकारियों की मौतों का विस्तृत ब्योरा जारी किया था।
यद्यपि पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) या कतरी विदेश मंत्रालय की ओर से अब तक इस डिजिटल प्रतिबंध पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्र के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं द्वारा वेबसाइट न खुलने की पुष्टि की है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह प्रतिबंध लंबे समय तक कायम रहता है, तो ऊर्जा और वित्तीय सहायता के लिए कतर पर निर्भर पाकिस्तान के लिए यह फैसला कूटनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।