अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले निराशाजनक संकेतों और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी सुस्ती देखने को मिली। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन की शुरुआत लाल निशान के साथ हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती सत्र में ही लगभग 300 अंक टूटकर 77,770 के स्तर के पास आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी दबाव में आकर 24,350 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को तोड़ते हुए 24,320 के आसपास कारोबार करता नजर आया। कारोबार शुरू होने से पहले ही सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज पर 'गिफ्ट निफ्टी' कमजोरी के संकेत दे रहा था, जिसका असर बाजार खुलते ही दिखा।
दबाव का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच गहराता रणनीतिक टकराव है। अमेरिका द्वारा ईरान पर अनिश्चितकालीन नौसैनिक नाकेबंदी बढ़ाने की चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। कच्चे तेल के महंगा होने से भारत जैसे तेल-आयातक देशों के लिए मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार पूंजी की निकासी से भी घरेलू निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,250 से 24,300 का दायरा पहला बड़ा सपोर्ट जोन है। यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट और गहरा सकती है, जबकि बाजार को दोबारा बढ़त हासिल करने के लिए 24,600 का स्तर पार करना आवश्यक होगा। इस बीच निवेशकों की नजर जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों पर टिकी है। आज एनएमडीसी (NMDC), अशोक लेलैंड, भारत डायनामिक्स, एल्केम लैबोरेटरीज, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स, वोल्टास और कोचीन शिपयार्ड जैसी कई दिग्गज कंपनियां अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा करने जा रही हैं। इन कंपनियों के नतीजों के आधार पर आज चुनिंदा शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।