आगामी त्योहारों से ठीक पहले देश भर में चीनी के बाद अब रसोई की आवश्यक वस्तु प्याज के दामों में भी तीखा उछाल देखा जा रहा है। देश की प्रमुख थोक मंडियों में आवक घटने और मांग में तेजी आने के कारण देश के कई राज्यों में खुदरा स्तर पर प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। ओडिशा के भुवनेश्वर जैसे शहरों में दो दिनों के भीतर भाव 30 रुपये से उछलकर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
महाराष्ट्र स्थित एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में बीते एक सप्ताह के दौरान थोक कीमतों में 30 से 42 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां प्याज का थोक भाव 3,200 रुपये से बढ़कर 3,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अगस्त माह में प्याज की औसत खुदरा कीमतें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक बनी हुई हैं। राजधानी दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की थोक कीमतें 45 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के पार बनी हुई हैं।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान बुआई में हुई देरी के कारण खरीफ सीजन की नई फसल की मंडियों में आवक देर से हो रही है। आपूर्ति श्रृंखला में आई इस अस्थायी बाधा और त्योहारों के दौरान मांग में आई तेजी ने कीमतों को ऊपर चढ़ाया है। स्थिति को नियंत्रित करने और आम जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार सितंबर माह से अपने सुरक्षित बफर स्टॉक से प्याज को देश की प्रमुख थोक मंडियों में चरणबद्ध तरीके से जारी करने की योजना बना रही है।