गॉल टेस्ट में टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने 372 रनों का लक्ष्य रखा है। भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में 193 रन पर ऑलआउट हुई, लेकिन पहली पारी में मिली बड़ी बढ़त के कारण अब मुकाबले में भारत की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। हालांकि, मैच के चौथे दिन भारतीय टीम की बल्लेबाजी के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने खिलाड़ियों की खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए।
दरअसल, भारतीय बल्लेबाज मानव सुथार पर पिच के बीच में दौड़ने का आरोप लगा है। गॉल टेस्ट के चौथे दिन दूसरे सेशन में जब सुथार बल्लेबाजी कर रहे थे, तब उन्होंने एक रन लेने के लिए दौड़ लगाई। इसके बाद श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने अंपायर एहसान रजा से शिकायत की। श्रीलंकाई कप्तान का कहना था कि सुथार जानबूझकर पिच के बीच में दौड़ रहे हैं और इस तरह पिच पर फुटमार्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पिच के बीच में दौड़ना क्यों है गलत?
क्रिकेट में बल्लेबाजों के लिए पिच के बीच वाले हिस्से पर दौड़ना नियमों के लिहाज से गंभीर मामला माना जाता है। बल्लेबाज आमतौर पर हाफ स्पाइक्स वाले जूते पहनकर खेलते हैं। ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी बार-बार पिच के बीच में दौड़ता है, तो उसके जूतों के निशान पिच की सतह को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इसका सबसे ज्यादा फायदा स्पिन गेंदबाजों को मिल सकता है, लेकिन दूसरी तरफ बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए पिच पर खेलना मुश्किल हो सकता है। खासतौर पर टेस्ट मैच के अंतिम दिनों में पिच पर बने फुटमार्क गेंद को अतिरिक्त टर्न और उछाल दे सकते हैं। श्रीलंका को मैच की चौथी पारी में बल्लेबाजी करनी थी, इसलिए कप्तान धनंजय डी सिल्वा पिच की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आए।
हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केवल किसी खिलाड़ी के पिच के बीच में चले जाने से तुरंत यह साबित नहीं होता कि उसने जानबूझकर पिच खराब करने की कोशिश की। अंपायर स्थिति, खिलाड़ी की हरकत और उसकी मंशा को देखकर फैसला लेते हैं।
नियम तोड़ने पर हो सकती है कार्रवाई
अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर पिच को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो अंपायर उसे पहली और अंतिम चेतावनी दे सकता है। यह चेतावनी पूरी पारी के दौरान लागू रहती है। इसके बाद अगर बल्लेबाज दोबारा पिच को नुकसान पहुंचाने वाली हरकत करता है, तो नियमों के तहत बल्लेबाजी टीम के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ऐसी स्थिति में संबंधित गेंद के दौरान बने रन रद्द किए जा सकते हैं और फील्डिंग टीम को पांच पेनल्टी रन भी मिल सकते हैं। इसलिए टेस्ट क्रिकेट में पिच की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गॉल में भारत की स्थिति मजबूत
मैच की बात करें तो टीम इंडिया इस समय गॉल में जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। भारत ने श्रीलंका को 372 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया है। गॉल के मैदान पर चौथी पारी में 300 या उससे ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल करना बेहद मुश्किल चुनौती माना जाता है।
श्रीलंका के सामने अब बड़ा लक्ष्य है और भारतीय गेंदबाजों के पास मैच को जल्द खत्म करने का शानदार मौका है। ऐसे में मुकाबले का अंतिम दिन बेहद रोमांचक हो सकता है। भारत अगर शुरुआती विकेट जल्दी हासिल कर लेता है, तो श्रीलंका पर दबाव काफी बढ़ जाएगा और टीम इंडिया के लिए टेस्ट जीतना आसान हो सकता है।
फिलहाल मानव सुथार से जुड़ा पिच वाला विवाद भी चर्चा में है, लेकिन मैच का नतीजा तय करने में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन सबसे अहम रहेगा।