नई दिल्ली: भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत प्रमुख केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, मेटलर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (इंडिया) लिमिटेड (MECON) को एक बड़ी विलेख सफलता मिली है। सरकार ने कंपनी के शानदार वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए इसे 'मिनीरत्न श्रेणी-प्रथम' (Miniratna Category-I) का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान करने का कड़ा कूटनीतिक फैसला किया है। यह नीतिगत निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अधिक व्यावसायिक स्वतंत्रता, निर्णय लेने की शक्ति और परिचालन लचीलापन प्रदान करके वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की सरकारी प्रतिबद्धता के बिल्कुल अनुकूल है। इस विधिक पदोन्नति से मेकॉन के प्रशासनिक लॉजिस्टिक्स को भारी मजबूती मिलेगी।
इस्पात मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मेकॉन लिमिटेड ने पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में कड़क और रिकॉर्ड-तोड़ वित्तीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी ने लगातार मजबूत मुनाफा दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2023-24 में 77.62 करोड़ रुपये, 2024-25 में 32.08 करोड़ रुपये और हालिया समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 में 104.53 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (PBT) कमाया है। इसके साथ ही, 31 मार्च 2026 तक कंपनी की शुद्ध परिसंपत्ति (Net Worth) कड़ाई से बढ़कर 535.42 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो सार्वजनिक उद्यम विभाग (DPE) द्वारा मिनीरत्न दर्जे के लिए निर्धारित कड़े मानदंडों को विधिक रूप से पूरा करती है।
वर्ष 1959 में स्थापित और झारखंड के रांची में मुख्यालय वाली मेकॉन लिमिटेड देश की अग्रणी इंजीनियरिंग, परामर्श और परियोजना प्रबंधन कंपनियों में से एक है। मिनीरत्न श्रेणी-प्रथम का दर्जा मिलने से अब कंपनी के निदेशक मंडल को बड़े निवेशों, आधुनिक तकनीकी उन्नयन, रणनीतिक गठबंधनों और विस्तार परियोजनाओं को बिना किसी कूटनीतिक देरी के कड़क गति से मंजूरी देने की वित्तीय स्वायत्तता मिल गई है। इस्पात क्षेत्र के विकास में ऐतिहासिक योगदान देने के बाद, अब मेकॉन तेल, गैस, बिजली और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) जैसे अन्य विखंडनकारी क्षेत्रों में भी अपने व्यापार विस्तार के लॉजिस्टिक्स को तेजी से बढ़ा सकेगी।