वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी उथल-पुथल के कारण भारतीय सर्राफा बाजार में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर दिए जा रहे संकेतों के चलते निवेशकों में असमंजस की स्थिति है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी अस्थिरता दर्ज की गई, जहां बिकवाली के दबाव के बाद अचानक आई खरीदारी ने बाजार का रुख बदल दिया।
कारोबार की शुरुआत में सोने के दामों में गिरावट देखी गई और यह पिछले बंद स्तर के मुकाबले काफी नीचे खुला। हालांकि, निचले स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई जोरदार लिवाली के चलते कीमती धातु ने जल्द ही अपनी शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ दिया और इंट्रा-डे कारोबार के दौरान एक बार फिर ऊपरी स्तरों को छू लिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के प्रति आकर्षण बढ़ा है, जिससे कीमतों को निचले स्तर पर लगातार सहारा मिल रहा है। दूसरी ओर, औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच चांदी के वायदा भाव में भी बड़ी गिरावट और फिर आंशिक सुधार की स्थिति देखने को मिली। देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के हाजिर बाजारों में भी इस हलचल का सीधा असर पड़ा है, जहां स्थानीय करों और मांग-आपूर्ति के आधार पर खुदरा कीमतें प्रभावित हो रही हैं। आगामी दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक नीतिगत फैसलों पर बाजार की नजर रहेगी।