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भीड़भाड़ से दूर, भारत के 5 शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन, जहां सुकून से बिता सकते हैं छुट्टियां

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Posted On:Thursday, July 2, 2026

अगर पहाड़ों पर छुट्टियां बिताने का आपका मतलब ट्रैफिक जाम, तेज़ म्यूज़िक या सैलानियों की भारी भीड़ नहीं है, तो अब शिमला, मनाली या ऊटी जैसे पारंपरिक पर्यटन स्थलों से आगे सोचने का समय आ गया है। भारत में ऐसे कई छोटे और कम मशहूर हिल स्टेशन हैं जो आपको प्रकृति के करीब ले जाने और मानसिक सुकून देने का वादा करते हैं।
आइए जानते हैं भारत के ऐसे ही 5 शांत हिल स्टेशनों के बारे में, जिन्हें आपको अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए:
1. लैंसडाउन (उत्तराखंड)
समुद्र तल से 1,706 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लैंसडाउन, उत्तर भारत के सबसे शांत हिल स्टेशनों में से एक है। अंग्रेजों द्वारा एक छावनी (कैंटोनमेंट) शहर के रूप में बसाया गया यह स्थान आज भी अपने पुराने चर्चों, औपनिवेशिक दौर के बंगलों और देवदार के जंगलों के रास्तों के साथ बेहद प्राचीन और स्वच्छ बना हुआ है।

  • खास आकर्षण: यहाँ 'टिप-इन-टॉप' व्यू पॉइंट से उगते सूरज को देखना और 'भुल्ला ताल' झील में बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है।
2. कलिम्पोंग (पश्चिम बंगाल)
अपने पड़ोसी और बेहद मशहूर पर्यटन स्थल दार्जिलिंग की चमक-दमक के बीच अक्सर कलिम्पोंग का नाम छिप जाता है। लेकिन 1,250 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह छोटा सा शहर पूर्वी भारत के सबसे शांतिपूर्ण ठिकानों में से एक है। यहाँ से कंचनजंगा चोटी का बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।
  • खास आकर्षण: यहाँ के बौद्ध मठ (जैसे दुर्पिन मॉनेस्ट्री), डेलो हिल व्यू पॉइंट और तिब्बती हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट्स) के बाज़ार पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
3. येरकौड (तमिलनाडु)
दक्षिण भारत में जब भी पहाड़ों की बात होती है, तो ऊटी और कोडैकनाल का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन तमिलनाडु की शेवरॉय पहाड़ियों में 1,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित येरकौड एक बेहद शांत विकल्प है। इसे अक्सर 'गरीबों का ऊटी' भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ आपको बिना मोटी रकम खर्च किए और बिना किसी भीड़भाड़ के बेहतरीन प्राकृतिक सुंदरता मिलती है।
  • खास आकर्षण: कॉफी के बागान, संतरे के बगीचे, लेडीज सीट व्यू पॉइंट और शांत येरकौड झील यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं।
4. चिखलदरा (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र की सतपुड़ा पहाड़ियों में छिपा चिखलदरा राज्य का इकलौता कॉफी उत्पादक हिल स्टेशन है। लोनावला या महाबलेश्वर के मुकाबले यहाँ पर्यटकों की भीड़ बेहद कम होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में भीम ने यहीं कीचक का वध किया था, जिससे इस जगह का नाम चिखलदरा पड़ा।
  • खास आकर्षण: घने जंगलों और झरनों के बीच बसे इस हिल स्टेशन के पास ही 'मेलघाट टाइगर रिजर्व' है, जहाँ वाइल्डलाइफ सफारी का आनंद लिया जा सकता है। इसके अलावा गविल्गढ़ किला भी देखने लायक जगह है।
5. ज़ीरो (अरुणाचल प्रदेश)
1,500 मीटर की ऊंचाई पर एक विस्तृत घाटी में बसा ज़ीरो (Ziro) किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसा नजर आता है। अपातानी (Apatani) जनजाति का घर माना जाने वाला अरुणाचल प्रदेश का यह हिल स्टेशन अपने हरे-भरे धान के खेतों, बांस के बने घरों और बेहद शांत जीवनशैली के लिए जाना जाता है।
  • खास आकर्षण: यहाँ आकर लोग प्रकृति को करीब से महसूस करते हैं और स्थानीय गांवों (जैसे होंग विलेज) में घूमकर जनजातीय परंपराओं को समझते हैं। यहाँ हर साल होने वाला 'ज़ीरो म्यूज़िक फेस्टिवल' भी कला प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
यदि आप भी इस सीज़न में शहरी शोर-शराबे और पर्यटकों की भारी भीड़ से बचना चाहते हैं, तो इन ऑफ-बीट (off-beat) जगहों का रुख कर सकते हैं।


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