अभिनेत्री अंजली आनंद ने हाल ही में खुलकर बताया कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी अपने दिवंगत पिता और अभिनेता दिनेश आनंद के नाम का इस्तेमाल आगे बढ़ने के लिए नहीं किया। उनका कहना है कि वह चाहती थीं कि लोग उन्हें उनके काम और अभिनय के दम पर पहचानें, न कि किसी मशहूर सरनेम की वजह से। अंजली के मुताबिक, इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य रहा है।
बातचीत के दौरान अंजली ने कहा कि लोग अक्सर उनके पिता के बारे में बात करते हैं, लेकिन उन्होंने खुद उनका ज्यादा काम नहीं देखा। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि अगर उनके पिता आज जिंदा होते तो शायद वह खुद अपने सफर की कहानियां शेयर कर रहे होते। अंजली का मानना है कि अगर वह अपने काम से बड़ी सफलता हासिल करती हैं, तो यह उनके पिता के अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने जैसा होगा।
नेपोटिज्म पर अपनी राय रखते हुए अंजली ने कहा कि बहुत कम लोग जानते हैं कि वह दिनेश आनंद की बेटी हैं। उन्होंने माना कि चाहतीं तो पिता के नाम का फायदा उठा सकती थीं, लेकिन इससे सिर्फ एक-दो मौके मिल सकते हैं, लंबा करियर नहीं। उनके मुताबिक, मनोरंजन की दुनिया में टिकने के लिए मेहनत, प्रतिभा और लगातार अच्छा काम करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
अंजली आनंद ने टीवी, वेब सीरीज और फिल्मों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में उनके किरदार को खूब सराहा गया था, वहीं अब वह 'धमाल 4' को लेकर चर्चा में हैं। उनका मानना है कि कलाकार की असली पहचान उसके काम से बनती है और वही पहचान सबसे लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में रहती है।
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