जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में खेली जा रही एशियाई अंडर-19 और अंडर-23 मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 के लॉजिस्टिक्स और रिंग समीकरणों में भारतीय मुक्कों का कड़ा दबदबा देखने को मिला है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारतीय अंडर-19 महिला मुक्केबाजों ने अपने विखंडनकारी खेल और कूटनीतिक रणनीतियों के दम पर क्वार्टर फाइनल के नियमों के तहत शानदार प्रदर्शन किया। भारत की छह प्रतिभावान महिला मुक्केबाजों ने कड़े मुकाबलों में विरोधी खिलाड़ियों को पूरी तरह पस्त करते हुए सेमीफाइनल विलेख में प्रवेश कर लिया है, जिसके साथ ही देश के लिए छह पदक सांख्यिकी रूप से पूरी तरह पक्के हो गए हैं। इस अभूतपूर्व सफलता ने भारतीय युवा मुक्केबाजी कार्यक्रम के इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के स्वर्णिम सुरक्षा कवच को वैश्विक स्तर पर पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है।
रिंग के भीतर हुए तकनीकी विन्यास पर नजर डालें तो 51 किलोग्राम वर्ग में भारत की चंद्रिका भोरेश पुजारी ने बेहतरीन मुक्कों की बौछार करते हुए कजाकिस्तान की झादिरा कालटे को कड़ाई से 5:0 के एकतरफा सांख्यिकी अंतर से शिकस्त दी। इसी कड़क लय को बरकरार रखते हुए 54 किलोग्राम भारवर्ग में जॉयश्री देवी ने कजाकिस्तान की मारल टोलेपबर्गेन को 5:0 से मात देकर पुराने विवादों को पीछे छोड़ दिया। 57 किलोग्राम वर्ग में प्राची ने उज्बेकिस्तान की रोबिया रावशनोवा पर और 60 किलोग्राम वर्ग में चाहत ने कजाकिस्तान की झास्मीन अब्रामयान पर 5:0 की विधिक और व्यापक जीत दर्ज की।
इसके अतिरिक्त, 48 किलोग्राम वर्ग के एक बेहद करीबी मुकाबले में गुंजन ने मंगोलिया की अल्तंजुल अल्तांगदास को 3:0 से हराया, जबकि 75 किलोग्राम वर्ग में अंशिका ने कजाकिस्तान की अल्टीनगुल ऐमुखान के खिलाफ कड़ा संघर्ष करते हुए 4:1 से जीत हासिल की। हालांकि, इस विखंडनकारी दिन भारत को दो करीबी शिकस्त का भी सामना करना पड़ा, जहां 65 किलोग्राम वर्ग में वंशिका और 70 किलोग्राम वर्ग में लक्ष्यु अपने विधिक मुकाबले हार गईं। खेल विश्लेषकों का मानना है कि इन शानदार छह जीतों के बाद अब भारतीय मुक्केबाजी दल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।