ब्रिस्टल: भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मेजबान इंग्लिश टीम ने हर विभाग में कड़ा और विखंडनकारी प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को 9 विकेट से शिकस्त दे दी। इस विधिक जीत के साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में 3-0 की अपराजेय बढ़त हासिल कर ली है, जिससे भारतीय टीम के हाथ से सीरीज पूरी तरह निकल चुकी है। ब्रिस्टल के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के शीर्ष क्रम के लॉजिस्टिक्स शुरुआत में ही बिखर गए। वैभव सूर्यवंशी (15), ईशान किशन (4) और अभिषेक शर्मा (16) जैसे शीर्ष तीन खब्बू बल्लेबाज पावरप्ले के नियमों का फायदा उठाने के चक्कर में 'क्रॉस-द-लाइन' शॉट खेलकर सस्ते में आउट हो गए। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की 'हार्ड लेंथ' गेंदों के सुरक्षा कवच के आगे भारतीय बल्लेबाज असहाय नजर आए। हालांकि, कप्तान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी विलेख का परिचय देते हुए 49 गेंदों में 4 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 80 रनों की कड़क सांख्यिकी पारी खेली। उन्होंने शिवम दुबे (22) के साथ मिलकर टीम का स्कोर 7 विकेट पर 158 रन तक पहुंचाया, जो इस मैदान के पुराने 166 रनों के औसत इंफ्रास्ट्रक्चर से काफी कम था। आदिल राशिद की फिरकी के सामने मध्यक्रम के विवाद बढ़ते गए और आखिरी दो ओवरों में भारतीय टीम केवल 8 रन ही जोड़ सकी।
जवाब में, 159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण स्कोर को महज 13.5 ओवर में 1 विकेट खोकर हासिल कर लिया, जो 150 से अधिक रनों के चेज में उनका अब तक का सबसे तेज सांख्यिकी कीर्तिमान है। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट ने नाबाद 59 रन (42 गेंद) और कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 35 गेंदों में 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से कड़क नाबाद 79 रन कूट दिए। भारतीय गेंदबाज पिच के धीमेपन और परिस्थितियों के अनुरूप लाइन-लेंथ का नियमन करने में पूरी तरह विफल रहे। इस हार के साथ ही कप्तान श्रेयस अय्यर का अपनी पहली कूटनीतिक जीत का इंतजार और लंबा हो गया है, वहीं साल 2018-19 के बाद यह पहला मौका है जब टीम इंडिया लगातार दो टी20 द्विपक्षीय सीरीज हारी है।