शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, जोमेटो की क्विक-कॉमर्स सेवा ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) जो अंडे से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक कुछ ही मिनटों में डिलीवर करती है, के शेयर गुरुवार की क्लोजिंग तक अपने अक्टूबर के ऑल-टाइम हाई से 28 फीसदी नीचे गिर चुके हैं। वहीं, इसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी के शेयर सितंबर में अपने हालिया पीक से लगभग 47 फीसदी तक टूट चुके हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि नए दिग्गजों के प्रवेश से दोनों स्थापित कंपनियों के मुनाफे और बाजार हिस्सेदारी पर सीधा असर पड़ सकता है।
भारत का रैपिड-कॉमर्स सेगमेंट इस समय तेजी से बढ़ते हुए 11 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू रहा है। एमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां अब छोटे शहरों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए ‘डार्क स्टोर्स’ (लास्ट-माइल वेयरहाउस) का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, इस रेस में शामिल जेप्टो (Zepto Ltd.) भी खुद को मजबूत करने के लिए आईपीओ (IPO) के जरिए 1 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के कारण शॉर्ट-टर्म में कंपनियों का मुनाफा प्रभावित होगा और असली चुनौती यह होगी कि यह प्राइस-वॉर और कड़ा मुकाबला बाजार में कितने लंबे समय तक खिंचता है।