बनारस न्यूज डेस्क: कफ सिरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है। पुलिस ने उसके हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए बुधवार को छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी तस्करी से जुड़े काले धन को हवाला के जरिए इधर-उधर करने का काम करते थे।
वाराणसी के कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली, राजस्थान, बलिया और गाजीपुर के निवासी शामिल हैं। इनमें अशोक, मोहित सारस्वा, रामावतार, गिरधारी, संतोष गिरि और ओमप्रकाश खरवार शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपी वाराणसी में दुकानों पर काम करते थे और मौका मिलते ही हवाला नेटवर्क के जरिए रुपयों की हेराफेरी करते थे।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इनका संपर्क दारानगर के कारोबारी वैभव जायसवाल से था, जो शुभम जायसवाल का करीबी बताया जा रहा है। उसी के निर्देश पर ये लोग हवाला के जरिए काले धन का लेन-देन करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 19.66 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीनें, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। इससे पहले वैभव जायसवाल के पास से भी करीब 22.5 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि हवाला नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। आरोपी नकदी के लेन-देन के लिए कोड सिस्टम का इस्तेमाल करते थे, जिसमें ₹1, ₹10, ₹20 और ₹50 के नोटों के नंबर को पहचान के तौर पर उपयोग किया जाता था। व्हाट्सऐप पर इन नोटों की तस्वीर भेजी जाती थी और उसी कोड के आधार पर रुपयों की डिलीवरी ली जाती थी।
नेटवर्क का दायरा सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पश्चिम बंगाल, बिहार, त्रिपुरा, सिक्किम और यहां तक कि बांग्लादेश तक जुड़े होने की बात सामने आई है। आरोपियों को अलग-अलग राज्यों में भेजकर नकदी की खेप उठवाई जाती थी।
इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को हर एक लाख रुपये पर 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
वहीं, इस मामले से जुड़े दो अन्य आरोपी अमित सिंह टाटा और अमित यादव, जो लखनऊ जेल में बंद हैं, उनकी अगली पेशी 7 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी।