बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी (काशी) इन दिनों बेमौसम बारिश और तेज हवाओं की चपेट में है। बुधवार आधी रात आई आंधी के साथ करीब 5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे तक हल्की बूंदाबांदी जारी रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
इस अचानक बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। जिले के ग्रामीण इलाकों में कट चुकी गेहूं और अरहर की फसलें भीग गईं, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। चोलापुर, चौबेपुर, लोहता, हरहुआ और राजातालाब जैसे इलाकों में जहां कटाई-मड़ाई पूरी हो चुकी थी, वहां दाने गीले होने से किसान चिंतित हैं।
शहर के पांडेयपुर, लंका, सामनेघाट, कैंट, लहरतारा, शिवपुर और मंडुआडीह क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हवा में नमी 91 प्रतिशत तक पहुंच गई।
मौसम विभाग ने 5 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है, जिससे फसलों को और नुकसान हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है। हालांकि इसके कमजोर पड़ने के बाद अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है और तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से हुई बारिश सामान्य से अधिक रही है और अप्रैल महीने में भी पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश के आसार हैं। वहीं, औसत अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है।