बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में मंगलवार सुबह से मौसम ने करवट ले ली। सुबह करीब 6 बजे से शहर में चमक-गरज के साथ लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दिलाई।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 9 से 12 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है। खासकर 10 और 11 जुलाई को वाराणसी समेत आसपास के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में पिछले 24 घंटे में 34 मिमी और पिछले 48 घंटे में 66 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। तेज हवा, बिजली की चमक और गरज के साथ हुई बारिश से तापमान में करीब 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह सिस्टम बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते अगले तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि गहरा अवदाब बनने पर बड़ी मात्रा में नमी और बादल सक्रिय हो जाते हैं, जिससे व्यापक बारिश होती है।
करीब 15 दिन की देरी से पूर्वांचल पहुंचे मानसून के सक्रिय होने से किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बन गई है और खरीफ फसलों की बुवाई तेज हो गई है।
बारिश का सबसे अधिक फायदा धान की खेती को मिला है। वाराणसी, चोलापुर, सेवापुरी, पिंडरा, हरहुआ, बड़ागांव, आराजीलाइन और आसपास के ग्रामीण इलाकों में किसान तेजी से धान की रोपाई में जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।