बनारस न्यूज डेस्क: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद गाजीपुर और बिहार की दो अभ्यर्थियों के बीच पैदा हुआ विवाद अब लगभग साफ हो गया है। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह होने के कारण 301वीं रैंक को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी। गाजीपुर के जमानियां क्षेत्र के अभईपुर गांव की आकांक्षा सिंह और बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह के नाम एक जैसे होने से यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया था।
आधिकारिक परिणामों की जांच के दौरान सामने आया कि 301वीं रैंक वाराणसी की आकांक्षा सिंह (रोल नंबर 0856794) को मिली है। वहीं बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह की रैंक 454 (रोल नंबर 1517936) बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में उनसे संपर्क नहीं हो सका क्योंकि उनका फोन बंद बताया जा रहा है। गाजीपुर की आकांक्षा के पिता रंजीत सिंह, जो एयरफोर्स में जूनियर वारंट ऑफिसर हैं, ने बताया कि परिवार में शोक होने के कारण वे गांव आए हुए हैं और आकांक्षा भी जल्द गांव पहुंचने वाली हैं।
गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह, जो पेशे से गायनेकोलॉजिस्ट हैं और एम्स पटना से मास्टर्स कर चुकी हैं, ने अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज भी साझा किए हैं। उन्होंने दिल्ली से एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें यूपीएससी 2025 में 301वीं रैंक प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनके एडमिट कार्ड के बारकोड से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी और इससे यह साबित होगा कि यह रैंक उन्हीं की है।
दोनों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की तुलना करने पर कुछ अहम अंतर सामने आए हैं। गाजीपुर की आकांक्षा के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 दर्ज है और बारकोड स्कैन करने पर भी वही नंबर दिखाई देता है। जबकि बिहार की आकांक्षा के एडमिट कार्ड पर बाहर से वही रोल नंबर लिखा है, लेकिन बारकोड स्कैन करने पर अलग नंबर सामने आया। प्रारंभिक जांच में गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा का दावा अधिक मजबूत माना जा रहा है, हालांकि पूरे मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट करने के लिए आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।