सिएटल: फीफा विश्व कप २०२६ के इतिहास का सबसे अकल्पनीय और विखंडनकारी मुकाबला गुरुवार (02 जुलाई 2026) को सिएटल के ल्यूमेन फील्ड पर खेला गया। इस राउंड ऑफ 32 के कड़े नॉकआउट मैच में बेल्जियम ने खेल के अंतिम पलों में अद्भुत कूटनीतिक जीवटता दिखाते हुए सेनेगल को 3-2 से परास्त कर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश कर लिया। मैच के 85 मिनट तक अफ्रीकी टीम सेनेगल कड़ाई से 2-0 की मजबूत बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ रही थी, लेकिन बेल्जियम की सेना ने विलेख रणनीतिक वापसी करते हुए फुटबॉल के महामंच पर अब तक की सबसे अविश्वसनीय जीत की कहानी लिख दी।
मुकाबले के पहले हाफ में सेनेगल ने बेल्जियम की रक्षापंक्ति के लॉजिस्टिक्स को विखंडनकारी चोट पहुंचाई। मैच के 25वें मिनट में हबीब डियारा ने शानदार गोल कर टीम का खाता खोला, जिसके बाद 51वें मिनट में इस्माइला सार ने बेहतरीन फिनिशिंग के साथ बढ़त को 2-0 कर बेल्जियम को टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर धकेल दिया। बेल्जियम के कोच थॉमस टुखेल के रणनीतिक बदलावों के तहत मैदान पर उतरे रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में पहला गोल दागकर वापसी की कड़क शुरुआत की। इसके ठीक तीन मिनट बाद कप्तान यूरी टिएलेमैन्स ने लिएंड्रो ट्रॉसार्ड के बेहतरीन क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर मैच को अतिरिक्त समय (Extra Time) में खींच दिया।
अतिरिक्त समय के अंतिम पलों में मैच का विलेख फैसला हुआ। लंबे वीएआर (VAR) रिव्यू के बाद रेफरी ने सेनेगल के शेख कमारा द्वारा किए गए फाउल पर बेल्जियम को कड़क पेनल्टी दे दी। सेनेगल के कड़े विरोध के बीच, मैच के 125वें मिनट (आधिकारिक तौर पर 124 मिनट 44 सेकंड) में कप्तान टिएलेमैन्स ने संयम रखते हुए गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में डालकर विश्व कप इतिहास का सबसे देर से होने वाला मैच जिताने वाला रिकॉर्ड गोल किया। इस सनसनीखेज जीत के बाद बेल्जियम का मुकाबला अब मेक्सिको या अन्य संभावित प्रतिद्वंद्वी से राउंड ऑफ 16 में होगा, जबकि सेनेगल का दिल तोड़ने वाला सफर कड़ाई से समाप्त हो गया।