कैलिफोर्निया: फीफा विश्व कप २०२६ के राउंड ऑफ 32 के एक बेहद कड़े और कूटनीतिक मुकाबले में मेजबान संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 2-0 से शिकस्त देकर राउंड ऑफ 16 में कड़ाई से प्रवेश कर लिया है। कैलिफोर्निया के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक मैच में अमेरिकी टीम के लिए यह विलेख जीत कई मायनों में विखंडनकारी साबित हुई। इस जीत के साथ ही अमेरिका ने वर्ष 2002 के बाद पहली बार विश्व कप का कोई नॉकआउट मुकाबला जीतने का गौरव हासिल किया है, साथ ही यूरोपीय देशों के खिलाफ लगातार 10 मैचों से चले आ रहे हार के कड़े सिलसिले को भी विधिक रूप से तोड़ दिया है।
मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बोस्नियाई रक्षापंक्ति ने अमेरिकी आक्रमणों के लॉजिस्टिक्स को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि, हाफ टाइम से ठीक पहले 45वें मिनट में टिम रीम और टायलर एडम्स के कूटनीतिक पासिंग गेम की बदौलत गेंद फोलारिन बालोगुन के पास पहुंची, जिन्होंने कोई गलती न करते हुए गोलकीपर के नीचे से गेंद को जाल में धकेल कर अमेरिका को 1-0 की कड़क बढ़त दिला दी। यह इस टूर्नामेंट में बालोगुन का तीसरा विलेख गोल था। लेकिन खेल के दूसरे हाफ में एक बड़ा विखंडनकारी मोड़ आया, जब 60वें मिनट में बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहारेमोविक के साथ हुई एक कड़क टक्कर के बाद वीएआर (VAR) रिव्यू के आधार पर रेफरी राफेल क्लॉस ने बालोगुन को गंभीर फाउल प्ले के लिए सीधे 'रेड कार्ड' दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया।
10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अमेरिकी सेना ने हार नहीं मानी और अपने कड़े डिफेंस के दम पर न केवल बढ़त बनाए रखी, बल्कि 82वें मिनट में मलिक टिलमैन ने एक जादुई फ्री-किक के जरिए बोस्नियाई दीवार को भेदते हुए दूसरा गोल दागकर टीम की विधिक जीत सुनिश्चित कर दी। राउंड ऑफ 16 के अगले कड़े मुकाबले में अब अमेरिका का सामना बेल्जियम से होगा, जहां उनके पास 2014 विश्व कप की हार का कूटनीतिक बदला लेने का बेहतरीन अवसर होगा।