अमरीका के साथ जारी सैन्य व राजनीतिक संघर्ष के बीच ईरान की घरेलू अर्थव्यवस्था गंभीर मोर्चे पर गिरती नजर आ रही है। देश के स्टैटिस्टिकल सेंटर द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों ने आम नागरिकों की दिनचर्या और बजट को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। खाद्य पदार्थों पर साल-दर-साल मुद्रास्फीति दर 128 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है, जिससे कम आय वाले परिवारों के सामने दैनिक खान-पान का संकट खड़ा हो गया है। मांस, कुकिंग ऑयल और डेयरी उत्पादों जैसी बुनियादी उपभोग वस्तुओं की कीमतों में 140 से 260 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है।
खाद्य तेल और डेयरी फर्मों की बढ़ती परिचालन लागत तथा पशु चारे के महंगे आयात के चलते डेयरी उत्पादों की आपूर्ति शृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा संकट और आयात प्रतिबंधों के चलते चाय व कॉफी की खुदरा कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आर्थिक तंगी के कारण बहुसंख्यक आबादी ने अपने खान-पान में कटौती शुरू कर दी है। उद्योग-धंधों में मंदी और रोजगार के अवसरों में गिरावट के बीच ग्रामीण इलाकों में बिंदु-दर-बिंदु महंगाई दर 100 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है। जानकारों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी गतिरोध शीघ्र समाप्त नहीं हुआ, तो ईरान में सामाजिक और आर्थिक स्थिति अधिक विकट रूप ले सकती है।