नयी दिल्ली: सैमसंग इंडिया ने अपने प्रमुख सीएसआर एवं युवा नवाचार कार्यक्रम 'सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो 2026' के पांचवें संस्करण के तहत देश की शीर्ष 40 सेमी-फाइनलिस्ट टीमों का ऐलान किया है। 14 से 22 वर्ष के युवाओं को केंद्रित यह पहल वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए मेंटरशिप, अत्याधुनिक तकनीक और प्रोटोटाइपिंग सहायता प्रदान करती है। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण यह है कि चुनी गई 40 में से 50 प्रतिशत से अधिक टीमें टायर-2 और टायर-3 शहरों जैसे वाराणसी, अमृतसर, कोयंबटूर, सुंदरगढ़ और राजकोट से उभरी हैं, जो यह साबित करती हैं कि तकनीकी नवाचार की प्रतिभा देश के हर कोने में मौजूद है।
यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता मुख्य रूप से चार प्रमुख विषयों—'एआई लिविंग फॉर इंडिया', 'स्वास्थ्य एवं शिक्षा', 'पर्यावरणीय स्थिरता' और 'स्पोर्ट्स एंड टेक' पर आधारित है, जिनमें से प्रत्येक श्रेणी में 10-10 आशाजनक टीमों को चुना गया है। दक्षिण-पश्चिम एशिया के कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष एस.पी. चुन ने सेमी-फाइनलिस्टों की सराहना करते हुए कहा कि इन युवाओं ने कृषि अपशिष्ट प्रबंधन, दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण, किफायती डिजिटल स्वास्थ्य समाधान और खेलों में समावेशिता बढ़ाने जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में सराहनीय सोच दिखाई है।
भारत में अपने 30 वर्ष पूरे कर चुका सैमसंग इस कार्यक्रम के माध्यम से अगले तीन दशकों के लिए देश की युवा तकनीकी क्षमता का निर्माण कर रहा है। इन शीर्ष 40 टीमों को अब विषय विशेषज्ञों की देखरेख में अपने विचारों को व्यवहारिक तकनीक में बदलने के लिए गहन बूटकैंप और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।