नई दिल्ली: भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाने की दिशा में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत सुधार की घोषणा की है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (DIAL) पर ट्रांसशिपमेंट कार्गो की अनिवार्य दोबारा स्क्रीनिंग (Re-screening) से छूट देने के विस्तारित चरण का शुभारंभ किया। इस नए नियम के तहत, यदि किसी घरेलू हवाई अड्डे पर कार्गो की सुरक्षा जांच एक बार पूरी हो चुकी है, तो उसे उसी एयरलाइन की कनेक्टिंग अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में बिना दोबारा स्क्रीनिंग के सीधे भेजा जा सकेगा। पहले चरण में चेन्नई-दिल्ली-फ्रैंकफर्ट मार्ग पर किए गए सफल परीक्षण के बाद अब इस व्यवस्था को चार नए घरेलू स्टेशनों—मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद—तथा दो नए अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों—लंदन और कोपेनहेगन—के लिए भी लागू कर दिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रियागत सरलीकरण से कार्गो हैंडलिंग समय में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान आद्यांत ट्रांजिट समय (End-to-End Transit Time) 60 घंटे से घटकर मात्र 20 घंटे रह गया, जिससे एयरलाइंस की माल वहन क्षमता उपयोगिता में भारी वृद्धि हुई है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि उद्योग जगत के सुझावों के आधार पर उठाया गया यह कदम न केवल परिचालन लागत (Handling Cost) और हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ को घटाएगा, बल्कि भारत को पूर्व और पश्चिम के व्यापारिक मार्गों के बीच एक प्रमुख रणनीतिक ट्रांसशिपमेंट केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। आगामी चरणों में इस छूट का विस्तार अंतर्राष्ट्रीय-से-अंतर्राष्ट्रीय कार्गो मार्गों पर भी किए जाने की योजना है।