उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित पोखारभिंडा गांव में खलिहान की सरकारी जमीन पर बिना प्रशासनिक अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर उपजा विवाद हिंसक रूप ले चुका है। गांव में स्थिति तब बिगड़ गई जब उग्र ग्रामीणों ने वहां तैनात पुलिस टीम पर अचानक भारी पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इस गंभीर घटना के बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) संकल्प शर्मा ने ड्यूटी में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में उपनिरीक्षक (SI) अरविंद यादव, मुख्य आरक्षी रमेश यादव और एलआईयू (LIU) आरक्षी नागेश्वर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब गांव के कुछ लोग खलिहान की भूमि पर पक्का चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (SDM) रुद्रपुर और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया कि बिना अनुमति सरकारी जमीन पर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद काम रोक दिया गया और एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हालांकि, बृहस्पतिवार को अचानक उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेते हुए पुलिस बल पर हमला कर दिया।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गांव में तनाव को देखते हुए लगभग 10 थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) की टुकड़ियों के साथ तैनात की गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम कर ली गई है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस अब पथराव करने वाले तथा माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई कर रही है।