बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गुरुवार को मुंबई जाने वाला इंडिगो का विमान करीब चार घंटे तक एप्रन पर खड़ा रहा। उड़ान संख्या 6ई 6544 को सुबह 10:45 बजे मुंबई के लिए रवाना होना था, लेकिन पायलट की तबीयत अचानक खराब हो गई और उसने उड़ान संचालित करने से इन्कार कर दिया। उस समय यात्री सिक्योरिटी चेक पूरा कर बोर्डिंग गेट नंबर चार पर पहुंच चुके थे, लेकिन उन्हें विमान में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
उड़ान में देरी की जानकारी मिलने के बाद यात्रियों ने नाराजगी जताई और एयरलाइन के खिलाफ हंगामा किया। यात्रियों का आरोप था कि उन्हें देरी की सही जानकारी समय पर नहीं दी गई, जिससे उनकी आगे की यात्रा और जरूरी काम प्रभावित हुए। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि पायलट की तबीयत खराब होने के बाद अहमदाबाद से वैकल्पिक पायलट बुलाया गया। इसके बाद विमान दोपहर 2:35 बजे मुंबई के लिए रवाना हो सका।
इस देरी का असर कई यात्रियों के जरूरी काम पर पड़ा। एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्य वाराणसी निवासी मोहम्मद जुबैर ने बताया कि मुंबई में उनकी दोपहर दो बजे जरूरी बिजनेस मीटिंग थी, जो फ्लाइट लेट होने के कारण छूट गई। वहीं, चंदौली के मनोज प्रजापति को मुंबई से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दुबई जाना था और उन्हें अपनी अगली उड़ान छूटने की चिंता थी। कुछ यात्रियों ने बताया कि वे सुबह आठ बजे से एयरपोर्ट पर मौजूद थे, लेकिन काफी देर तक उन्हें रिफ्रेशमेंट तक नहीं दिया गया। शिकायत के बाद एयरलाइन की ओर से नाश्ता उपलब्ध कराया गया।
इंडिगो की उड़ानों में इससे पहले भी क्रू से जुड़ी देरी का मामला सामने आ चुका है। दिसंबर 2025 में कोलकाता-वाराणसी उड़ान के बाद पायलट ने निर्धारित ड्यूटी समय पूरा होने का हवाला देकर विमान को वापस कोलकाता ले जाने से इन्कार कर दिया था। वैकल्पिक क्रू नहीं मिलने पर विमान पूरी रात वाराणसी में खड़ा रहा और अगले दिन रवाना हुआ। पायलटों के उड़ान और ड्यूटी समय के लिए डीजीसीए के एफडीटीएल नियम लागू हैं, जिनके तहत उड़ान और ड्यूटी की समय सीमा, साप्ताहिक आराम और नाइट ड्यूटी को लेकर नियम तय हैं।