बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने अगस्त की सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में उत्तर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साप्ताहिक समीक्षा और लगातार मॉनिटरिंग को इस प्रदर्शन की बड़ी वजह बताया गया है। सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग 50 केपीआई के आधार पर होती है। इनमें वाराणसी ने 22 मानकों में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि छह अन्य मानकों में टॉप-5 में जगह बनाई।
साल 2023 और 2024 में वाराणसी कमिश्नरेट की रैंकिंग प्रदेश में करीब 70वें स्थान के आसपास रहती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक लगातार सुधार और अलग-अलग स्तर पर पुलिसिंग की निगरानी बढ़ाने का असर अब रैंकिंग में दिखाई दे रहा है। अपराध नियंत्रण, विवेचना निस्तारण, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, महिला अपराध, डायल-112, एनडीपीएस, एससी/एसटी एक्ट, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट समेत कई मानकों पर कमिश्नरेट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
महिला अपराध से जुड़े हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, अपहरण और दहेज मृत्यु के मामलों में विवेचना पूरी करने और आरोपियों के खिलाफ 100 प्रतिशत कार्रवाई के चलते वाराणसी को प्रदेश में पहला स्थान मिला। एससी/एसटी एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आबकारी अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट में भी कमिश्नरेट पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा से जुड़े एनओसी और सुरक्षा आकलन में भी 100 प्रतिशत कार्रवाई दर्ज की गई। कर्मचारी, घरेलू सहायक और किरायेदार सत्यापन, सीसीटीएनएस शिकायतों, कार्यक्रमों, जुलूस और विरोध-प्रदर्शन से जुड़े अनुरोधों के निस्तारण में भी 100 प्रतिशत कार्रवाई की गई।
डायल-112 की पीआरवी का अगस्त में औसत रिस्पांस टाइम 4.90 मिनट रहा और 20,191 मामलों में पुलिस ने 10 मिनट के भीतर प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते इस श्रेणी में भी वाराणसी को पहला स्थान मिला। पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए दूसरा स्थान मिला। जघन्य अपराधों की विवेचना में 96.42 प्रतिशत और वांछित आरोपियों के खिलाफ 94.92 प्रतिशत कार्रवाई के साथ वाराणसी चौथे स्थान पर रहा। गैंगस्टर एक्ट में लंबित विवेचनाओं का 98 प्रतिशत निस्तारण और वांछितों के खिलाफ 99.47 प्रतिशत कार्रवाई की गई। काशी, वरुणा और गोमती जोन में दर्ज मामलों में कुल 93.71 प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण विवेचना निस्तारण दर्ज किया गया।