वैश्विक कूटनीतिक लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक विन्यास में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दौरे के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में न्यूजीलैंड पहुंचे हैं। ऑकलैंड स्थित गवर्नमेंट हाउस में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उनका भव्य स्वागत किया, जहां भारतीय प्रधानमंत्री को पारंपरिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर मुस्तैद सुरक्षा कवच का सम्मान दिया गया। इस उच्च स्तरीय स्वागत समारोह के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक विलेखों की बैठक में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को आधिकारिक रूप से 'स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (रणनीतिक साझेदारी) के सर्वोच्च विन्यास तक बढ़ाने का विखंडनकारी एलान किया है।
इस सांख्यिकी वार्ता के नियमों पर गौर करें तो भारत और न्यूजीलैंड ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, पर्यटन, डेयरी रिसर्च, खेल, उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक विनिमय जैसे विविध क्षेत्रों में 10 अहम समझौतों पर विधिक हस्ताक्षर किए हैं। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में स्वतंत्र और सुरक्षित व्यापार लॉजिस्टिक्स बनाए रखने के लिए पहली बार 'मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट' और 'म्यूचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट' को मुस्तैद किया है, जिसके तहत दोनों देशों के रक्षा बल एक-दूसरे को रणनीतिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर सकेंगे। इसके अलावा, आर्थिक साझेदारी के नियमों को कड़ा करते हुए दोनों पक्षों ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द लागू करने पर कूटनीतिक जोर दिया है।
इस व्यापारिक विन्यास के तहत दोनों देशों ने साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना कर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 35 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का सांख्यिकी लक्ष्य निर्धारित किया है। कृषि प्रौद्योगिकी (एग्री-टेक) और नवाचार के पुराने विवादों को पीछे छोड़ते हुए दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क (पीपुल-टू-पीपुल कनेक्ट) बढ़ाने के लिए नए वीजा नियमों और कूटनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सहमति जताई। खेल और संस्कृति के इस सुरक्षा कवच के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को भारत आने का विधिक निमंत्रण भी सौंपा, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।