वैश्विक वित्तीय विन्यास में मची भारी उथल-पुथल और कूटनीतिक लॉजिस्टिक्स के बीच आज 11 जुलाई 2026 को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक नया सांख्यिकी उबाल देखा गया है। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान विवाद के पुराने विवादों के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की वैश्विक मांग विधिक रूप से चरम पर पहुंच गई है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 77 डॉलर प्रति बैरल के पास मुस्तैद होने से दुनिया भर में मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंताएं कड़क हो गई हैं, जिसने सर्राफा बाजार के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी सपोर्ट दिया है।
इस सांख्यिकी विलेख के नियमों पर गौर करें तो आज देश के अधिकांश खुदरा बाजारों में 24 कैरेट (शुद्ध सोना) का भाव 14,483 रुपये प्रति ग्राम यानी 1,44,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के कड़े स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, आभूषण निर्माण के लिए उपयोग होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 13,276 रुपये प्रति ग्राम (1,32,760 रुपये प्रति 10 ग्राम) दर्ज की गई है। स्थानीय करों और लॉजिस्टिक्स शुल्कों के सुरक्षा कवच के कारण अलग-अलग शहरों के रेट्स में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है, जहां नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना 14,496 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है, वहीं मुंबई और कोलकाता में यह 14,483 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। देश के दक्षिणी राज्य चेन्नई में सोने के दाम सबसे ऊंचे रिकॉर्ड विन्यास के तहत 14,565 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गए हैं।
दूसरी ओर, औद्योगिक मांग और खुदरा निवेश के नियमों के तहत चांदी की कीमतों में भी तगड़ी मजबूती मुस्तैद है। आज बाजार में चांदी का रेट 240.10 रुपये प्रति ग्राम पर खुला है, जिससे एक किलोग्राम चांदी का भाव अधिकांश शहरों में 2,40,100 रुपये दर्ज किया गया है, जबकि चेन्नई, हैदराबाद और केरल जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में यह विखंडनकारी रूप से और महंगी होकर 2,44,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच चुकी है। खेल अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर नियमों और कूटनीतिक फैसलों पर निर्भर है, जो आने वाले हफ्तों में सर्राफा बाजार की अगली चाल मुस्तैद करेंगे।