भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को लेकर लगातार तीसरे हफ्ते अच्छी खबर सामने आई है। देश के खजाने में लगातार विदेशी मुद्रा में इजाफा देखने को मिल रहा है, और इन तीन हफ्तों के दौरान कुल मिलाकर 9.31 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते भी फॉरेक्स रिजर्व में 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बढ़त हुई है।
खास बात यह है कि इस दौरान गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में लगभग 3.50 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है, जबकि फॉरेन करेंसी असेट्स में 4.50 बिलियन डॉलर से अधिक का उछाल आया है। यदि सोने के भंडार की वैल्यू में कमी न आती, तो फॉरेक्स रिजर्व में यह इजाफा और भी ज्यादा बड़ा होता।
RBI के लेटेस्ट आंकड़े और फॉरेक्स रिजर्व की स्थिति
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार:
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ताजा आंकड़े: 17 जुलाई 2026 को समाप्त हुए हफ्ते में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.237 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
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पिछला हफ्ता: इससे पहले के हफ्ते में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 964 मिलियन डॉलर की बढ़त के साथ 675.157 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।
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रिकॉर्ड स्तर: इस साल 27 फरवरी को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, हालांकि इसके बाद वैश्विक तनाव और रुपये पर दबाव के कारण इसमें कुछ गिरावट आई थी।
विदेशी मुद्रा संपत्ति और गोल्ड रिजर्व का हाल
केंद्रीय बैंक के डेटा से यह भी पता चलता है कि फॉरेक्स रिजर्व के अलग-अलग घटकों में किस तरह के उतार-चढ़ाव आए हैं:
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फॉरेन करेंसी असेट्स (FCAs): विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा यानी विदेशी मुद्रा संपत्ति 4.549 अरब डॉलर बढ़कर 551.057 अरब डॉलर हो गई। इसमें यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का असर भी शामिल होता है।
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गोल्ड रिजर्व: समीक्षाधीन हफ्ते में सोने के भंडार की कुल कीमत 3.48 अरब डॉलर घटकर 101.749 अरब डॉलर रह गई।
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SDR और IMF रिजर्व: स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) 44 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.67 अरब डॉलर हो गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की रिजर्व पोजीशन 32 मिलियन डॉलर घटकर 4.761 अरब डॉलर दर्ज की गई।