19 जुलाई 2026 को मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में 106वें मिनट में स्थानापन्न (substitute) खिलाड़ी फेरान टॉरेस ने निको विलियम्स के पास पर करारा शॉट लगाकर मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागा। इस मैच-विनिंग गोल के लिए टॉरेस को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
इस मुकाम तक पहुँचने वाले फेरान टॉरेस की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। स्पेन के वैलेंसिया में एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे टॉरेस को बचपन से ही फुटबॉल से गहरा लगाव था। उनके दादा ने खेल के शुरुआती पाठ सिखाए और अभ्यास के लिए उनके पालतू कुत्ते को गोलकीपर की भूमिका में रखा जाता था, जिसके खिलाफ गोल दागना टॉरेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता था। 6 साल की उम्र में शुरू हुआ यह अनूठा अभ्यास आगे चलकर फुटबॉल एकेडमी और फिर स्पेनिश राष्ट्रीय टीम तक पहुँचा।
61वें मिनट में सब्स्टिट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे टॉरेस ने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण मौके का पूरा फायदा उठाया। 2010 के बाद स्पेन का यह दूसरा पुरुष विश्व कप खिताब है। पूरे टूर्नामेंट के 8 मैचों में केवल 1 गोल गंवाकर स्पेन ने रक्षात्मक मजबूती का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है