अमेरिका में इन दिनों एक बेहद सूक्ष्म परजीवी (Parasite) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिसे इसके सबसे प्रमुख और गंभीर लक्षण के कारण 'एक्सप्लोसिव डायरिया पैरासाइट' (Explosive Diarrhea Parasite) कहा जा रहा है। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्था, सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) इस रहस्यमयी और दर्दनाक पेट संक्रमण के बढ़ते मामलों की जांच कर रहे हैं।
इस संक्रमण का नाम साइक्लोस्पोरियासिस (Cyclosporiasis) है, जो 'साइक्लोस्पोरा कायतानेन्सिस' (Cyclospora cayetanensis) नामक एक कोशिकीय (microscopic) परजीवी के कारण होता है।
अमेरिका में तेजी से फैल रहे हैं मामले
सीडीसी (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार, मई की शुरुआत से अब तक अमेरिका के 17 से अधिक राज्यों में इस संक्रमण के सैकड़ों पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। अकेले मिशिगन राज्य में मामलों की संख्या तेजी से बढ़कर 300 के पार पहुंच गई है, जो कि इसके सामान्य वार्षिक औसत (लगभग 50 मामले) से कहीं ज्यादा है। न्यूयॉर्क, टेक्सस और इलिनोय जैसे राज्य भी इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अब तक दर्जनों लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी की मौत की खबर नहीं है।
लक्षण: सामान्य फूड पॉइजनिंग से कैसे है अलग?
आमतौर पर खराब खाना खाने से होने वाली फूड पॉइजनिंग 2 से 3 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन साइक्लोस्पोरा का संक्रमण हफ्तों या महीनों तक परेशान कर सकता है। इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
- एक्सप्लोसिव डायरिया: अचानक, बार-बार और बिना किसी नियंत्रण के अत्यधिक पानी जैसा दस्त होना।
- लगातार पेट दर्द और ऐंठन: पेट में मरोड़ उठना, गैस बनना और पेट फूलना (Bloating)।
- थकान और वजन घटना: हफ्तों तक चलने वाले दस्त के कारण शरीर में पानी की भारी कमी (Dehydration) हो जाती है, जिससे चक्कर आना, भारी कमजोरी और तेजी से वजन गिरना शामिल है।
- उतार-चढ़ाव: बिना इलाज के इसके लक्षण कुछ दिन ठीक होकर दोबारा वापस आ जाते हैं। इसके अलावा हल्का बुखार, जी मिचलाना और उल्टी भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
कैसे फैलता है यह परजीवी?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे (छूने या संपर्क से) नहीं फैलता। यह परजीवी इंसानी मल (Feces) के जरिए पर्यावरण, मिट्टी या पानी में पहुंचता है। वहां इसे संक्रामक (Infectious) बनने में 1 से 2 सप्ताह का समय लगता है।
यह मुख्य रूप से कच्चे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और ताजी जड़ी-बूटियों (जैसे धनिया, तुलसी, रास्पबेरी, मटर) के जरिए इंसानी शरीर में पहुंचता है, जिन्हें उगाते समय दूषित पानी से सींचा गया हो या दूषित मिट्टी में संभाला गया हो।
बचाव और इलाज के उपाय
चिकित्सकों के अनुसार, इस बीमारी से बचने के लिए बुनियादी स्वच्छता बेहद जरूरी है:
- सब्जियों को अच्छे से धोएं: केवल नल के पानी के नीचे फल और सब्जियों को सामान्य रूप से खंगालने से यह परजीवी पूरी तरह नष्ट नहीं होता। सख्त छिलके वाली सब्जियों (जैसे खीरा, खरबूजा) को साफ ब्रश से रगड़कर धोएं।
- हाथों की सफाई: खाना पकाने से पहले और बाद में हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह धोएं।
- दूषित पानी से बचें: यात्रा के दौरान या ऐसे क्षेत्रों में जहां पानी की गुणवत्ता संदिग्ध हो, केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ सुरक्षित पानी ही पिएं। स्विमिंग पूल के पानी को अंदर निगलने से बचें।
इलाज: यदि किसी व्यक्ति को लगातार 3 दिनों से अधिक समय तक दस्त की समस्या रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसकी पुष्टि स्टूल टेस्ट (मल जांच) के जरिए होती है। इसका इलाज विशेष प्रकार की एंटीबायोटिक दवाओं (जैसे ट्राइमेथोप्रिम-सल्फामेथॉक्साजोल) से किया जाता है। इसके साथ ही शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस (ORS) और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना अनिवार्य है।