बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में इन दिनों ठंड और कोहरे का असर अपने चरम पर है। तापमान 8 डिग्री से नीचे चला गया है और घने कोहरे की चादर ने खेतों को ढक लिया है। बढ़ती ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं खेतों में जमी सफेद परत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
किसान आलोक चौहान का कहना है कि लगातार कई दिनों से छाया कोहरा फसलों पर भारी पड़ रहा है। सरसों, आलू और हरी सब्जियों की फसलें ठंड से प्रभावित हो रही हैं। पौधों की पत्तियां सिकुड़ने लगी हैं और उनकी बढ़वार रुक गई है। उन्होंने बताया कि अगर मौसम ऐसा ही बना रहा तो फसलों को बड़ा नुकसान हो सकता है, हालांकि गेहूं की फसल के लिए ठंड को फायदेमंद माना जा रहा है।
किसानों के अनुसार, सुबह के समय खेतों में पाले की परत जम रही है, जिससे फसलों में नमी बढ़ गई है। सरसों के फूल और आलू के पौधे पीले पड़ने लगे हैं, वहीं हरी सब्जियों पर भी ठंड का साफ असर दिख रहा है। इससे आने वाले दिनों में सब्जियों की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है।
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक कोहरा बने रहने से रतुआ और चेपा जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जो पत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं और उत्पादन घटा देते हैं। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि समय-समय पर हल्की सिंचाई करें ताकि पाला न जमे और जरूरत पड़ने पर रोगनाशक दवाओं का छिड़काव करें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा और बढ़ सकता है, ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी और देखभाल पर खास ध्यान देना होगा।