बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में हरिश्चंद्र घाट के श्मशान स्थल पर शुक्रवार को मसां होली का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे पर चिता की राख लगाते नजर आए। कई भक्त, जो शिव के विश्वासपात्र गन के रूप में सजे थे, पूरे शरीर को राख से ढककर इस अनोखी होली में भाग ले रहे थे।
भक्तों ने लोकप्रिय होली गीतों पर नृत्य किया, जिससे वातावरण में उमंग और जोश की भरमार रही। इस आयोजन में स्थानीय लोग और दूर-दूर से आए पर्यटक दोनों शामिल हुए। राख और रंग के बीच लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते और उत्सव का आनंद साझा करते नजर आए।
मसां होली का काशी में विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। राख से होली मनाने की परंपरा जीवन के अंत और पुनर्जन्म के प्रतीक के रूप में इसे अनोखा बनाती है। इस रिवाज के माध्यम से मृत्यु को स्वीकारा और सम्मानित किया जाता है, जो काशी की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
इस अवसर पर हरिश्चंद्र घाट पर संगीत और नृत्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने भक्तिपूर्ण गीतों और पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से माहौल को और जीवंत बनाया। यह उत्सव काशी की विशेष भावना – लगन और वैराग्य का अद्भुत संगम – प्रदर्शित करता है।