बनारस न्यूज डेस्क: वाराणसी में पर्यटन और जलमार्ग को नई दिशा देने के लिए 'सामने घाट' इलाके में एक आधुनिक क्रूज टर्मिनल बनने जा रहा है। 2 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस टर्मिनल के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है, जिसे नगर निगम और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा विकसित किया जाएगा। यह टर्मिनल न केवल गंगा में जलमार्ग को बढ़ावा देगा, बल्कि वर्तमान में विभिन्न घाटों से संचालित हो रहे क्रूजों के कारण घाटों पर बढ़ रहे भीड़ के दबाव को भी कम करेगा। क्रूज टर्मिनल के निर्माण के बाद सभी क्रूज और वॉटर टैक्सी यहीं से संचालित होंगी, जिससे पर्यटकों को एक संगठित और बेहतर अनुभव मिलेगा।
इस परियोजना से वाराणसी की अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। टर्मिनल के निर्माण से गंगा के दूसरी ओर स्थित रामनगर और सामने घाट जैसे इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, टूरिस्ट गाइड, परिवहन और अन्य संबंधित सेवाओं से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यहां से वॉटर टैक्सी का संचालन होने से शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी काफी मदद मिलेगी।
टर्मिनल में पर्यटकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिसमें पार्किंग, बैठने की समुचित व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। वित्तीय दृष्टिकोण से, जिस जमीन पर टर्मिनल का निर्माण होना है, वह नगर निगम की है। इसके लिए IWAI द्वारा नगर निगम को डीएम सर्किल रेट के आधार पर किराया दिया जाएगा। इसके अलावा, एक प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है कि इस टर्मिनल भवन का एक फ्लोर नगर निगम को आवंटित कर दिया जाए, जिसके बदले में निगम किराए की मांग नहीं करेगा।
वर्तमान में वाराणसी में रविदास घाट, नमो घाट और अन्य स्थानों से क्रूज और नौकाओं का संचालन होता है, लेकिन भविष्य में इस टर्मिनल को ही मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने इस परियोजना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। यह क्रूज टर्मिनल न केवल काशी के पर्यटन विकास में एक नया अध्याय साबित होगा, बल्कि यह शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए वाराणसी को आधुनिक जलमार्ग पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित करेगा।