खाता निष्क्रिय होने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप उस पर लोन नहीं ले सकते और न ही आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कर सकते हैं। साथ ही, आयकर की धारा 80C के तहत मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ भी उस साल के लिए खत्म हो जाता है। लेकिन इसे फिर से सक्रिय करना बेहद सरल है। आपको बस उस बैंक या पोस्ट ऑफिस की शाखा में जाना होगा जहाँ आपका खाता है, और एक साधारण आवेदन देना होगा।
खाते को दोबारा जीवित (Revive) करने के लिए आपको प्रति वर्ष के हिसाब से 50 रुपये की पेनल्टी और उस वर्ष की न्यूनतम राशि (500 रुपये) जमा करनी होगी। उदाहरण के लिए, यदि आपका खाता 3 साल से बंद है, तो आपको 150 रुपये जुर्माना और 1500 रुपये का बकाया निवेश यानी कुल 1650 रुपये जमा करने होंगे। एक बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आपका खाता फिर से सक्रिय हो जाएगा और आप भविष्य के लिए अपना निवेश जारी रख पाएंगे। याद रखें, लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए पीपीएफ खाते को सक्रिय रखना ही समझदारी है।