काहिरा: गाजा में जारी भीषण कूटनीतिक और सैन्य उथल-पुथल के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत जैरेड कुशनर ने मिस्र के अल-अलामीन शहर में हमास प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस वार्ता में गाजा के लिए प्रस्तावित 15-सूत्री अमेरिकी शांति योजना के क्रियान्वयन, हमास के निरस्त्रीकरण, अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती और इजरायली सेना की संभावित वापसी पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मिस्र, कतर और तुर्किये के मध्यस्थों के साथ-साथ 'बोर्ड ऑफ पीस' के प्रतिनिधि निकोलाय म्लादेनोव और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर भी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव की प्रमुख शर्तों पर सख्त आपत्ति जताते हुए इसे खारिज कर दिया है। नेतन्याहू का स्पष्ट कहना है कि हमास के पूर्ण और वास्तविक निरस्त्रीकरण से पहले इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) गाजा से पीछे नहीं हटेगा। इस रुख के कारण इजरायल और उसके प्रमुख सहयोगी अमेरिका के बीच गहरे कूटनीतिक मतभेद उभर कर सामने आए हैं।
शांति वार्ता के बीच गाजा में हवाई हमले जारी हैं और खान यूनिस व नुसेरात शरणार्थी शिविरों में लक्षित अभियानों में कई लोग हताहत हुए हैं। सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और तुर्किये सहित आठ प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों ने इजरायल द्वारा अमरीकी शांति योजना को ठुकराए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुशनर और टोनी ब्लेयर सोमवार को नेतन्याहू से मुलाकात कर गाजा पुनर्निर्माण और युद्धविराम बहाल करने के कानूनी व कूटनीतिक उपायों पर चर्चा करेंगे।