पश्चिम एशिया में जारी गाजा संघर्ष के बीच इजरायल की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार के कट्टरपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर के एक भड़काऊ बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक हालिया पॉडकास्ट में पूर्व इजराइली बंधक के साथ बातचीत के दौरान बेन-ग्विर ने गाजा में प्रतिदिन 30 से 40 फलस्तीनियों की लक्षित हत्याएं करने की वकालत की। उन्होंने न केवल गाजा में रहने वाली आबादी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, बल्कि संपूर्ण गाजा पट्टी में नई इजराइली बस्तियां बसाने और स्थानीय निवासियों को वहां से स्थानांतरित करने का खुला आह्वान किया। बेन-ग्विर की इस अतिवादी टिप्पणी की मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत जैरेड कुशनर ने यरूशलेम में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ कई घंटों तक मैराथन बैठक की। इससे पूर्व कुशनर ने मिस्र में हमास के प्रतिनिधियों से भी सीधी वार्ता की थी। बैठकों के दौरान अमरीकी मध्यस्थता वाली 15-सूत्री शांति योजना के तहत हमास के चरणबद्ध निरस्त्रीकरण और इजरायली बलों की संभावित वापसी पर चर्चा हुई। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमरीकी निगरानी में हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण पूरा नहीं हो जाता, तब तक गाजा से इजरायली सेना की वापसी या पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा। बेन-ग्विर के बयानों से नेतन्याहू सरकार के भीतर जारी आतंरिक मतभेद और अमरीकी शांति प्रयासों के समक्ष खड़ी चुनौतियों का उजागर होना स्वाभाविक माना जा रहा है।