वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और जापान के बीच संबंध अब केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों की साझेदारी आर्थिक सुरक्षा, रक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रही है।
जापान दौरे पर पहुंचे गोयल ने जापान बिजनेस फेडरेशन के साथ आयोजित कारोबारी बैठक में भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूद निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने जापानी उद्योग जगत से भारत में अपनी निवेश प्रतिबद्धताओं को बढ़ाने और दोनों देशों की कंपनियों के बीच व्यावसायिक सहयोग को नई ऊंचाई देने का आग्रह किया।
मंत्री ने भारत में सक्रिय जापानी कंपनियों की संख्या को इस दशक में मौजूदा स्तर से दोगुना करने का लक्ष्य भी सामने रखा। उनका कहना था कि भारत में कारोबार के माहौल में सुधार और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था जापानी कंपनियों के लिए नए अवसर तैयार कर रही है।
गोयल ने जापान की कई प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर भारत में उनके मौजूदा कारोबार के विस्तार और नए निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके साथ ही कैपिटल गुड्स, मशीनरी और ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक हुई।
इन चर्चाओं में जापानी कंपनियों और भारत के छोटे तथा मध्यम आपूर्तिकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों की करीब 70 कंपनियों ने इसमें भाग लिया। उन्नत विनिर्माण, एमएसएमई और तकनीकी साझेदारी को भविष्य के सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा गया। भारत और जापान वर्ष 2026 को साझा क्षितिज वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़ा है।
गोयल के नेतृत्व में भारत का बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल जापान पहुंचा है, जिसमें 200 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल टोक्यो, नागोया और ओसाका में विभिन्न बैठकों के जरिए निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेगा।