अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया है कि कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और दबाव के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाही के कगार पर पहुंच गई है। 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत नए द्वितीयक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) की घोषणा से ठीक पहले ईरानी मुद्रा 'रियाल' में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। खुले बाजार में डॉलर के मुकाबले रियाल गिरकर 2.02 मिलियन के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे वहां महंगाई चरम पर है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जो भी देश या संस्थाएं ईरान के साथ वित्तीय या व्यावसायिक संबंध जारी रखेंगी, उन्हें अमेरिकी डॉलर प्रणाली से पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा। इस आर्थिक आक्रामक रणनीति का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी वैश्विक व्यापारिक तनाव को समाप्त करना और तेहरान पर रणनीतिक दबाव बनाना है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दबाव और नए प्रतिबंधों के प्रभाव को पूरी तरह खारिज किया है। तेहरान ने इसे वाशिंगटन की हताशा का प्रतीक बताते हुए कहा कि ईरान अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और ऐसी वित्तीय कार्रवाइयों के आगे घुटने नहीं टेकेगा।