बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने ढाका स्थित सचिवालय में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री खांदकार अब्दुल मुक्तादिर के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक परिदृश्य और कूटनीतिक परिस्थितियां अपने क्रम में बदलती रहती हैं, किंतु दोनों देशों के नागरिकों के आर्थिक कल्याण, समृद्धि और साझा व्यापारिक हितों की निरंतरता निर्बाध रूप से जारी रहनी चाहिए।
द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य पर अटूट विश्वास व्यक्त करते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और बांग्लादेश दो पूर्णतः संप्रभु, जीवंत तथा स्वतंत्र राष्ट्र हैं, जिन्हें पूर्ण समानता और परस्पर सम्मान के धरातल पर एक-दूसरे से सहयोग करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और आर्थिक तरक्की के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों की भावी पीढ़ी के विकास हेतु सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त उद्यमों (Joint Ventures) और बुनियादी ढांचागत निवेश की व्यापक संभावनाओं को तलाशना समय की मांग है।
महात्मा गांधी के अंत्योदय दर्शन का उल्लेख करते हुए भारतीय दूत ने आग्रह किया कि नीति-निर्माताओं को प्रत्येक निर्णय लेते समय समाज के सबसे वंचित वर्गों पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के निजी क्षेत्रों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर सहयोग के साथ-साथ कॉर्पोरेट क्षेत्र ही आपसी मतभेदों को पाटकर दोनों राष्ट्रों के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है।