शेयर बाजार में IPO के जरिए निवेश करने वाले लोगों के लिए 20 अगस्त 2026 की तारीख महत्वपूर्ण है। राजस्थान स्थित थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल निर्माता कंपनी Tempsens Instruments अपना IPO लेकर आ रही है। कंपनी का पब्लिक इश्यू 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा। कंपनी करीब 650 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतर रही है। इसके शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होने प्रस्तावित हैं।
कंपनी तापमान मापने वाले सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग और स्पेशलाइज्ड केबल जैसे उत्पाद बनाती है। Tempsens का कारोबार मुख्य रूप से औद्योगिक इस्तेमाल के लिए कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। कंपनी का दावा है कि तापमान सेंसर सेगमेंट में उसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 10.5 फी
क्या संकेत दे रहा है Grey Market?
IPO खुलने से पहले Tempsens Instruments के शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में काफी हलचल देखने को मिल रही है। 18 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों में GMP करीब 500 रुपये बताया गया था, जो अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 57 फीसदी प्रीमियम के बराबर था। हालांकि, GMP अनौपचारिक और लगातार बदलने वाला संकेतक है, इसलिए इसे संभावित लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं माना जा सकता। R
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कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड 285 से 300 रुपये प्रति शेयर तय किया है। अगर केवल उदाहरण के तौर पर 300 रुपये के अपर बैंड और 500 रुपये के GMP को जोड़ें, तो अनुमानित कीमत करीब 800 रुपये बनती है। लेकिन यह सिर्फ ग्रे मार्केट आधारित गणना है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे काफी अलग हो सकता है।
यहां निवेशकों के लिए एक जरूरी बात समझना महत्वपूर्ण है। GMP कोई आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं है। यह अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में शेयर की मांग का संकेत देता है और लिस्टिंग तक इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
650 करोड़ रुपये का IPO
Tempsens Instruments का IPO कुल करीब 650 करोड़ रुपये का है। कंपनी के इश्यू में लगभग 95 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और करीब 555 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। यानी IPO से मिलने वाली पूरी रकम कंपनी के कारोबार में नई पूंजी के रूप में नहीं जाएगी; OFS के तहत बेचे जाने वाले शेयरों की रकम संबंधित
कंपनी करती क्या है?
Tempsens Instruments वर्ष 1990 में शुरू हुई कंपनी है और थर्मल इंजीनियरिंग तथा स्पेशलाइज्ड केबल कारोबार में काम करती है।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
ग्रे मार्केट में मजबूत GMP निश्चित रूप से निवेशकों की दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन सिर्फ GMP देखकर IPO में पैसा लगाना सही रणनीति नहीं है। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, मुनाफा, कर्ज, वैल्यूएशन, IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल और OFS की हिस्सेदारी जैसे पहलुओं को भी देखना चाहिए।
खासकर इस इश्यू में OFS का हिस्सा बड़ा है, इसलिए यह समझना जरूरी है कि IPO के जरिए कंपनी को वास्तव में कितनी नई पूंजी मिलेगी। साथ ही ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक है और बाजार की धारणा बदलने पर इसमें बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
कुल मिलाकर, Tempsens Instruments IPO को लेकर बाजार में शुरुआती उत्साह मजबूत दिखाई दे रहा है। 20 अगस्त से सब्सक्रिप्शन शुरू होने के बाद वास्तविक मांग और निवेशकों की प्रतिक्रिया से इसकी तस्वीर और साफ होगी। संभावित निवेशकों को GMP के बजाय कंपनी के बिजनेस, वित्तीय आंकड़ों और IPO दस्तावेजों का अध्ययन करके ही फैसला लेना चाहिए।