नागपुर: महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। रविवार, 03 मई 2026 को नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग करेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा, ताकि पीड़िता के परिवार को रिकॉर्ड समय में न्याय मिल सके।
घटना का विवरण और जन आक्रोश
यह हृदयविदारक घटना एक मई को पुणे की भोर तहसील में सामने आई थी। पुलिस ने इस मामले में 65 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
- विरोध प्रदर्शन: घटना के बाद भोर इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
- विपक्ष का हमला: राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार की कड़ी आलोचना की है और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई है।
कानूनी प्रक्रिया और मुख्यमंत्री का आश्वासन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित पिता से दो बार फोन पर बात की है और परिवार को हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया है।
- मजबूत चार्जशीट: मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जांच को इतना सटीक और मजबूत बनाया जाएगा कि ट्रायल के दौरान आरोपी को किसी भी तकनीकी खामी का लाभ न मिले।
- लोकतंत्र और कानून: जनता द्वारा तत्काल न्याय (एन्काउंटर या ऑन-द-स्पॉट सजा) की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि एक लोकतांत्रिक समाज में न्याय केवल कानूनी प्रक्रिया के दायरे में ही संभव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून के माध्यम से ही आरोपी को उसके किए की सबसे कठोर सजा दिलाई जाएगी।
राज्य सरकार ने विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) की नियुक्ति के भी संकेत दिए हैं, ताकि इस संवेदनशील मामले की पैरवी पूरी ताकत से की जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि कोर्ट में उसके हिंसक व्यवहार को निर्णायक रूप से साबित किया जा सके।