श्रीनगर: पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के प्रशासनिक लॉजिस्टिक्स को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के नियमों के तहत जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल जिला प्रशासन ने एक बहुत ही कड़ा और विखंडनकारी कदम उठाया है। गंदेरबल जिले के मणिगाम ट्रांज़िट कैंप में तीर्थयात्रियों के लिए दी जाने वाली 'ऑन-द-स्पॉट' पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया में कुछ गंभीर वित्तीय और प्रक्रियात्मक गड़बड़ियों तथा कड़े विवादों का मामला सामने आया है। इस सांख्यिकी धांधली का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने ट्रांज़िट कैंप के नोडल अधिकारी (सहायक आयुक्त राजस्व) की सिफारिश पर ड्यूटी पर तैनात चार शिक्षकों— बिलाल अहमद शेख, आबिद मोहि-उद-दीन भट, पीर मुदासिर और गौहर राशिद कुल्लू को तत्काल प्रभाव से विधिक रूप से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने इन चारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इस कूटनीतिक घटनाक्रम के नियमों के अनुसार, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की गहनता से सांख्यिकी जांच जारी है। श्रद्धालुओं के लिए जारी एक आधिकारिक विलेख में प्रशासन ने सूचित किया है कि 'ऑन-द-स्पॉट' पंजीकरण की वैध सुविधा केवल बालटाल आधार शिविर के आधिकारिक केंद्र पर ही उपलब्ध है। यह लाभ भी केवल तभी मिलेगा जब तीर्थयात्री अपने सभी वैध चिकित्सा और पहचान दस्तावेजों की भौतिक पुष्टि कराएंगे।
धोखाधड़ी के इस सांख्यिकी संकट को देखते हुए गंदेरबल नियंत्रण कक्ष ने सभी श्रद्धालुओं को विशेष सुरक्षा कवच के तहत सतर्क रहने की सलाह दी है। तीर्थयात्रियों से कड़ाई से अपील की गई है कि वे त्वरित दर्शन कराने या फर्जी कागजात बनाने का दावा करने वाले दलालों, बिचौलियों और अनधिकृत तत्वों के झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी प्रकार की संदिग्ध विखंडनकारी गतिविधि दिखने पर तुरंत आधार शिविर के अधिकारियों को सूचित करने के नियम बनाए गए हैं, ताकि पवित्र यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित हो सके।