भारत से यूके (UK) के दौरे के लिए रवाना होते समय टीम इंडिया, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और करोड़ों क्रिकेट फैंस ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले हफ्तों में टीम को जीत के लिए तरसना पड़ जाएगा। कुछ ही महीनों पहले शान से टी20 वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली मजबूत भारतीय टीम का ऐसा पतन बेहद चौंकाने वाला है। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि विश्व विजेता टीम आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम से टी20 सीरीज हार जाएगी। मगर यह कड़वा सच साबित हुआ और इस शर्मनाक हार के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने का खौफ भारतीय खेमे के जेहन में घर कर गया है, जो अब हकीकत बनने की कगार पर खड़ा है।
ब्रिस्टल के मैदान पर गुरुवार 9 जुलाई को होने वाले चौथे टी20 मैच में टीम इंडिया पर सीरीज हार का एक ऐसा बड़ा खतरा मंडरा रहा है, जो भारत और इंग्लैंड के टी20 सीरीज के इतिहास में पिछले 14 सालों में कभी देखने को नहीं मिला।
आयरलैंड के बाद इंग्लैंड में भी जारी है खराब फॉर्म
आयरलैंड के हाथों टी20 सीरीज में 0-2 से मिली चौंकाने वाली और ऐतिहासिक शिकस्त के बाद उम्मीद थी कि इंग्लैंड आते ही टीम इंडिया अपनी लय वापस पा लेगी। लेकिन, ब्रिटिश धरती पर भी भारतीय टीम की तकदीर बदलती नहीं दिख रही है। नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व और मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में खेल रही भारतीय टीम को इस सीरीज के 3 में से 2 मैचों में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
इस सीरीज का पहला मुकाबला तो बारिश की भेंट चढ़ गया था, वरना टीम इंडिया की मौजूदा खराब फॉर्म को देखते हुए शायद इस सीरीज का फैसला पिछले मैच में ही इंग्लैंड के पक्ष में हो गया होता।
पहली बार इतिहास में सीरीज हारने की कगार पर भारत
भारतीय टीम के लिए ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में होने जा रहा यह चौथा टी20 मैच 'करो या मरो' जैसा है। यदि टीम इंडिया सीरीज में खुद को जिंदा रखना चाहती है, तो उसे हर हाल में यह मैच जीतना ही होगा। ब्रिस्टल में जीत दर्ज करने पर भारत को सीरीज बचाने का एक और मौका मिलेगा और सीरीज का अंतिम फैसला 5वें और आखिरी मैच में होगा। लेकिन, अगर भारतीय टीम अपनी गलतियों से सबक नहीं लेती है और हार के इस सिलसिले को तोड़ने में नाकाम रहती है, तो वह क्रिकेट इतिहास में पहली बार इंग्लैंड के हाथों द्विपक्षीय टी20 सीरीज हारेगी।
14 साल के शानदार रिकॉर्ड पर मंडराया खतरा
भारत और इंग्लैंड के बीच कम से कम 2 मैचों वाली टी20 सीरीज का सफर दिसंबर 2012 में शुरू हुआ था। उस समय खेली गई पहली सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुई थी। लेकिन उसके बाद से लेकर अब तक, दोनों देशों के बीच जितनी भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज (2 या उससे ज्यादा मैचों की) खेली गईं, उन सभी में भारतीय टीम अजेय रही और सीरीज जीती।
साल 2012 से 2026 के बीच, यानी लगभग 14 सालों में भारत और इंग्लैंड के बीच ऐसी कुल 6 टी20 सीरीज खेली जा चुकी हैं। इन 6 सीरीज में से 5 में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की, जबकि 1 सीरीज ड्रॉ रही। यह दोनों टीमों के बीच सातवीं टी20 सीरीज है, और इसी सीरीज में टीम इंडिया के इस बेदाग और गौरवशाली रिकॉर्ड पर सबसे बड़ा दाग लगता दिखाई दे रहा है।
अब पूरी दुनिया की नजरें ब्रिस्टल पर टिकी हैं। क्या कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच गौतम गंभीर की नई जोड़ी अपनी रणनीतियों से चमत्कार कर पाएगी और टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक शर्मिंदगी से बचा पाएगी? इसका फैसला ब्रिस्टल के मैदान पर ही होगा।