लंदन: क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 से एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जहां भारतीय महिला क्रिकेट टीम और इंग्लैंड के बीच पहला ऐतिहासिक चार-दिवसीय टेस्ट मुकाबला खेला जाएगा। मैच की पूर्व संध्या पर भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने खेल के लॉजिस्टिक्स पर बात करते हुए कहा कि क्रिकेट इतिहास में पहली बार लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टेस्ट मैच का आयोजन होना बेहद हैरान करने वाला और कड़ा कूटनीतिक सच है। उन्होंने टीम के जज्बे को सराहते हुए स्पष्ट किया कि खिलाड़ी हाल ही में संपन्न हुए टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण से बाहर होने की निराशा और विवादों से कड़ाई से उबर चुके हैं। इस ऐतिहासिक मुकाबले के लिए ड्रेसिंग रूम का इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से सकारात्मक है और सभी खिलाड़ी लॉर्ड्स की पावन पिच पर सफेद जर्सी पहनने के गौरवशाली क्षण का आनंद लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
सांख्यिकी विलेखों के अनुसार, भारतीय महिला टीम ने अपना पिछला चार-दिवसीय टेस्ट मैच करीब चार महीने पहले वाका (WACA) के मैदान पर गुलाबी गेंद से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्हें 10 विकेट की भारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। वहीं, इंग्लैंड की टीम भी जनवरी 2025 में एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली पारी की हार के बाद पहली बार रेड-बॉल क्रिकेट के मैदान पर उतर रही है। कोच मजूमदार ने बताया कि वर्ल्ड कप की मंदी के बाद खिलाड़ियों के मानसिक लॉजिस्टिक्स को पटरी पर लाने के लिए वर्म्सली क्रिकेट क्लब के सुंदर मैदान पर पांच दिनों का एक बेहद कड़ा और विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किया गया था, जिसने टीम के लिए एक अभूतपूर्व सुरक्षा कवच का काम किया।
लाल गेंद के नियमों और चुनौतियों पर बोलते हुए कोच ने कहा कि एक दिन में 100 ओवर गेंदबाजी करना और खेल के पारंपरिक प्रारूप में धैर्य बनाए रखना पुरानी शैली के क्रिकेट का असली रोमांच लाता है। भारतीय टीम के लिए जो बीत गया उसे बदलना सांख्यिकी नियमों के तहत असंभव है, इसलिए कूटनीतिक रणनीति के अनुसार खिलाड़ियों को वर्तमान में रहने और आगामी बड़ी चुनौतियों का सामना करने के विलेख समझाए गए हैं। चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली पुरानी जीतों के सांख्यिकी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए, भारतीय नारियां अब लॉर्ड्स की इस ऐतिहासिक धरती पर अपनी नई बादशाहत कायम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।