उत्तर प्रदेश का चौधरी चरण सिंह जिला कारागार (मेरठ जिला जेल) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अपने ही पतियों की जघन्य हत्या के बहुचर्चित मामलों में नामजद दो महिला आरोपी अब एक ही जेल की चारदीवारी में बंद रहेंगी। मेरठ के बहुचर्चित 'नीला ड्रम हत्याकांड' की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी पहले से ही इसी जेल में निरुद्ध है, वहीं अब हस्तिनापुर क्षेत्र के सनसनीखेज 'सांप कटवाकर हत्या' मामले की आरोपी दामिनी पवार को भी न्यायिक हिरासत के तहत इसी जेल की महिला बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया है।
पुलिस जांच रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ही मामलों में चौंकाने वाली समानताएं देखने को मिली हैं। जहां मार्च 2025 में हुए नीला ड्रम कांड में मुस्कान पर अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने और शव को सीमेंट से भरे प्लास्टिक ड्रम में छिपाने के गंभीर आरोप हैं। वहीं दूसरी ओर, हस्तिनापुर की दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 20 लाख रुपये के बीमा दावे की खातिर पति अतुल पवार को पहले नशीला पदार्थ दिया और फिर उस पर जहरीला सांप छुड़वाकर उसकी हत्या करवा दी।
मेरठ जेल प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात और पति की हत्या के आरोपों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी बहसूमा इलाके में सांप से कटवाकर पति की हत्या के आरोप में बबीता नाम की महिला इसी जेल में बंद रह चुकी है। वर्तमान में जिला कारागार में गंभीर आपराधिक धाराओं का सामना कर रही कई महिला बंदी बंद हैं। समाजशास्त्रियों और न्यायशास्त्रियों ने पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती इस आपराधिक मानसिकता पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जबकि पुलिस अदालत में साक्ष्यों के आधार पर सख्त पैरवी की बात कह रही है।