दुनियाभर के विभिन्न हिस्सों में आ रहे लगातार भूगर्भीय झटकों के बीच शनिवार सुबह पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई हिस्सों में तेज भूकंपीय कंपन महसूस किया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी अफरातफरी मच गई। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र (EMSC) तथा भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के अनुसार, आज सुबह 6 से 9 बजे के संवेदनशील अंतराल में दो बार धरती हिली, जिनकी तीव्रता क्रमशः 4.3 और 5.5 मापी गई। इस भूगर्भीय घटना का मुख्य केंद्र बलूचिस्तान प्रांत के बरखान शहर से करीब 63 किलोमीटर दूर और जमीन से 35 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। गनीमत यह रही कि इस अचानक आए झटके से अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान या किसी नागरिक के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिली है।
यह भूकंपीय हलचल ऐसे समय में आई है जब हाल ही में वेनेजुएला, फिलीपींस और जापान जैसे देशों में विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिसके कारण भारत सहित कई वैश्विक सरकारों ने अपने नागरिकों को सुरक्षात्मक रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी है। सुरक्षात्मक लॉजिस्टिक्स के तहत पाकिस्तानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे उच्च जोखिम वाले फॉल्ट लाइनों के नजदीकी प्रशासनिक क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। भौगोलिक रूप से भारतीय और यूरेशियन विखंडनकारी प्लेटों के बेहद संवेदनशील टकराव बिंदु (Boundary) पर स्थित होने के कारण पूरा पाकिस्तान एक बड़े विनियामक खतरे के साए में रहता है, और हालिया वैश्विक झटकों ने इस कड़े भूगर्भीय डर को और अधिक बढ़ा दिया है।