दूध पीने से लेकर कैमोमाइल चाय (Chamomile tea) तक, सोशल मीडिया पर ऐसी घरेलू तरकीबों की भरमार है जो अच्छी नींद का दावा करती हैं। इन दिनों इंटरनेट और रील्स पर एक नया 'स्लीप हैक' (Sleep Hack) काफी वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि सोने से ठीक पहले मुंह में एक हल्की चबाई हुई लौंग (Clove) रखने से बहुत गहरी और अच्छी नींद आती है। इंटरनेट भले ही इस नुस्खे को पसंद कर रहा हो, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों ने इसे लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है।
क्या कहता है विज्ञान?
मुंबई के ग्लेनीगल्स अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट और स्लीप डिसऑर्डर स्पेशलिस्ट डॉ. हरीश चाफले के अनुसार, "इस बात का कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण (Scientific evidence) नहीं है कि सोने से पहले मुंह में चबाई हुई लौंग रखने से नींद की गुणवत्ता में सीधे तौर पर कोई सुधार होता है। इसके हल्के आरामदायक गुण कुछ लोगों को रिलैक्स महसूस करा सकते हैं, लेकिन स्वस्थ नींद के लिए अच्छी आदतें (Sleep hygiene) ज्यादा जरूरी हैं।"
लौंग कैसे काम करती है?
लौंग में 'यूजेनॉल' (Eugenol) नाम का एक मुख्य प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है, जो अपने एंटीऑक्सीडेंट और हल्के दर्दनिवारक या शांत करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका तनाव कम करने या नींद लाने पर कोई सीधा और निर्णायक असर साबित नहीं हुआ है। अगर किसी को इससे फायदा महसूस भी होता है, तो वह केवल एक मानसिक सुकून (Placebo effect) हो सकता है, अनिद्रा (Insomnia) जैसी बीमारी का इलाज नहीं।
क्यों खतरनाक हो सकता है यह नुस्खा? (The Catch)
डॉक्टरों ने इस नुस्खे को आजमाने वालों को सख्त हिदायत दी है। इसके पीछे दो मुख्य खतरे हैं:
- चोकिंग और एस्पिरेशन का खतरा (दम घुटने का डर): सबसे बड़ा जोखिम यह है कि सोते समय होश न रहने पर मुंह में रखी लौंग अचानक सांस की नली में जा सकती है। इससे सांस रुक सकती है (Choking risk) या फेफड़ों में इन्फेक्शन हो सकता है, जो बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
- ओरल टिश्यूज को नुकसान: लंबे समय तक मुंह या मसूड़ों के संपर्क में रहने से लौंग का तीखापन ओरल टिश्यूज और मसूड़ों में जलन या छाले पैदा कर सकता है।
इसके अलावा, जरूरत से ज्यादा लौंग का इस्तेमाल पेट की खराबी या एलर्जी का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं, तो सोशल मीडिया के खतरनाक ट्रेंड्स या घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय किसी डॉक्टर से संपर्क करें। सोने से पहले गैजेट्स (मोबाइल/टीवी) से दूरी बनाना, कमरे में अंधेरा रखना और कैफीन का सेवन न करना ही अच्छी नींद के सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक उपाय हैं।